Friday, 23 October 2026

दिल्ली-NCR में लागू GRAP-1: AQI एक दिन में 59 अंक उछला, प्रदूषण पर सरकार ने कसे शिकंजे

दिल्ली में धुंध भरी सुबह, ग्रैप-1 के बाद शहर में छाया प्रदूषण का धुंधलापन

दिल्ली और पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में हवा का हाल एक बार फिर बिगड़ गया है। दशहरा (विजयदशमी) की रात के बाद से वायु प्रदूषण में आई तेजी को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने मंगलवार, 21 अक्टूबर 2026 को पूरे दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया है। इसके साथ ही इस सीजन की पहली ‘खराब’ (poor) श्रेणी वाली हवा दर्ज की गई है।

दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 20 अक्टूबर को 179 था, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। लेकिन अगले ही दिन यह दोपहर 2 बजे तक बढ़कर 244 तक पहुंच गया। CPCB के आंकड़ों के अनुसार सुबह 9 बजे AQI 233 था, जो सुबह 10 बजे तक बढ़कर 238 और शाम 4 बजे तक 245 तक पहुंच गया — यानी एक ही दिन में पूरे 59 अंकों की भारी उछाल।

यह केवल दिल्ली की कहानी नहीं है। नोएडा में AQI 249 और गुरुग्राम में 216 दर्ज किया गया — दोनों शहर ‘खराब’ श्रेणी में हैं। 245 का यह आंकड़ा पिछले 100 दिनों में सबसे अधिक है।

GRAP-1 क्यों लागू हुआ और इसका क्या मतलब है

ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) वायु प्रदूषण से निपटने की एक चरणबद्ध कार्य योजना है। इसका पहला चरण तब सक्रिय किया जाता है, जब AQI 201 से 300 के बीच रहता है, यानी हवा ‘खराब’ श्रेणी में आती है। CAQM ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि दिल्ली का औसत AQI 20 अक्टूबर को 179 (मध्यम) था, जो 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे तक बढ़कर 244 (खराब) हो गया — इसी आधार पर पहले चरण के उपाय लागू किए गए।

मौसम एजेंसी IMD और IITM की भविष्यवाणी है कि अगले कुछ दिनों तक हवा ‘खराब’ श्रेणी में ही बनी रह सकती है। फिलहाल यह अलर्ट कम से कम 23 अक्टूबर तक जारी रहेगा।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने GRAP-1 की घोषणा करते हुए कहा कि इस सीजन में GRAP का क्रियान्वयन अब तक का सबसे विलंबित (latest-in-season) रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार करीब 30 एजेंसियों के साथ 11-बिंदु वाली कार्य योजना पर काम कर रही है, ताकि प्रदूषण को शुरुआती चरण में ही नियंत्रित किया जा सके।

GRAP-1 में क्या-क्या प्रतिबंध लागू होंगे

पहले चरण के तहत प्रशासन ने कई सख्त कदम उठाए हैं। ये प्रतिबंध पूरे दिल्ली-NCR में लागू होंगे। मुख्य प्रतिबंध इस प्रकार हैं:

  • होटल, रेस्टोरेंट और खुले खाने-पीने के स्थानों में तंदूर के लिए कोयला और लकड़ी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध।
  • डीजल जनरेटर सेट (gensets) का इस्तेमाल केवल आपातकालीन स्थिति में ही अनुमत होगा।
  • कूड़ा-कचरा और पत्तों के खुले में जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध।
  • निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल अनिवार्य।
  • 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले निर्माण स्थलों की कड़ी निगरानी।

प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि धूल और धुएं के स्रोतों पर सख्त नकेल कसी जाएगी।

ट्रांसपोर्ट पर सख्त नियम: PUC से लेकर बाहरी बसों तक

दिल्ली में सभी वाहनों के लिए वैध PUC (प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र) रखना अनिवार्य होगा। बिना वैध PUC के वाहन चलाने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

इसके अलावा, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से दिल्ली आने वाली अंतरराज्यीय बसों पर भी नियम लागू होंगे। अब केवल BS-VI डीजल, इलेक्ट्रिक या CNG बसों को ही दिल्ली में प्रवेश की अनुमति होगी। पुराने उत्सर्जन मानकों वाली बसों को शहर की सीमा में आने से रोका जाएगा।

गैर-जरूरी ट्रकों को दिल्ली से गुजरने के बजाय ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के रास्ते मोड़ा जाएगा, ताकि राजधानी में मालवाहक वाहनों का प्रदूषण कम हो सके।

DMRC की 20 अतिरिक्त मेट्रो ट्रेनें

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने बड़ा फैसला लिया है — 22 अक्टूबर (गुरुवार) से कार्य दिवसों पर 20 अतिरिक्त मेट्रो ट्रेनें चलाई जाएंगी।

इसका उद्देश्य सुबह-शाम के व्यस्त घंटों में यात्रियों को बेहतर सेवा देना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग मेट्रो का इस्तेमाल करें और सड़कों पर वाहनों का दबाव घटे।

विंटर एक्शन प्लान: 1 नवंबर से क्या बदलेगा

GRAP-1 के साथ-साथ दिल्ली सरकार का विंटर एक्शन प्लान भी जल्द अमल में आएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 20 अक्टूबर को इस योजना की घोषणा थी। यह योजना 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक चलेगी, यानी पूरे सर्दी के मौसम को कवर करेगी।

  • 1 नवंबर से 31 जनवरी तक गैर-BS-VI वाहनों का दिल्ली में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
  • “बिना वैध PUCC, ईंधन नहीं” नीति लागू होगी — यानी बिना वैध प्रमाणपत्र के पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलेगा।
  • सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत वर्क-फ्रॉम-होम का प्रावधान होगा।
  • कार्यालयों के लिए अलग-अलग (staggered) समय-सारणी लागू की जाएगी।
  • निर्माण स्थलों की निगरानी AI-आधारित तकनीक से होगी।

मौसम विभाग की भविष्यवाणी: फिलहाल राहत के आसार नहीं

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 21 अक्टूबर को दिल्ली में न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 32.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आने वाले तीन दिनों तक आसमान साफ रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है।

बारिश न होने से प्रदूषक कणों का फैलाव नहीं हो पाएगा। यही कारण है कि अगले कुछ दिनों तक AQI के ‘खराब’ श्रेणी में बने रहने की संभावना प्रबल है।

प्रशासन ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है — खुले में कचरा या पत्ते न जलाएं और संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें।

पिछले कई वर्षों से दिल्ली-NCR में सर्दियों का मौसम प्रदूषण से जूझने का मौसम बन गया है। GRAP-1 सिर्फ पहला चरण है — अगर हवा और बिगड़ी तो आगे के चरणों में और कड़े प्रतिबंध लागू हो सकते हैं।

23 अक्टूबर तक का अलर्ट जारी है, और उसके बाद की स्थिति के अनुसार आगे की रणनीति तय होगी। सरकार का दावा है कि वह पूरी तैयारी के साथ मैदान में है — करीब 30 एजेंसियां और 11 बिंदुओं वाली कार्य योजना इसका सबूत है।

About the author

राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं, देश-राज्य की राजनीति और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी खबरों पर लेखन। बिजनेस और स्पोर्ट्स की खबरें भी। ब्रेकिंग न्यूज की होड़ के बीच डिजिटल मीडिया में एआई जैसे नवाचार की नर्सरी का छात्र।