Friday, 23 October 2026

सऊदी अरब पर ड्रोन हमले: दमाम एयरपोर्ट निशाने पर, शेबाह ऑयल फील्ड में 2 की मौत, भारतीय घायल

दमाम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए ड्रोन हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था

सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में मंगलवार शाम हुए ड्रोन हमलों ने पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। दमाम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में एक स्थानीय नागरिक की मौत हो गई और आठ लोग घायल हुए। उसी शाम अरामको के शेबाह ऑयल फील्ड पर ड्रोन हमले की कोशिश में दो विदेशी श्रमिकों की जान चली गई — एक नेपाली और एक फिलीपीनी नागरिक — जबकि एक भारतीय नागरिक घायल हुआ, जिसकी पुष्टि रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने की है।

सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन नियामक (GACA) ने 21 अक्टूबर को आधिकारिक एक्स बयान में हवाई अड्डे पर हुए हमले की पुष्टि की। अधिकारियों के अनुसार नुकसान का आकलन अभी जारी है। फ्लाइटराडार24 के आंकड़ों से पता चला है कि रात भर दर्जनों उड़ानों को पास के वैकल्पिक हवाई अड्डों की ओर मोड़ना पड़ा और हवाई क्षेत्र कुछ समय के लिए प्रतिबंधित रहा।

दमाम एयरपोर्ट पर हमला: क्या हुआ

किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार शाम हुआ हमला सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन क्षेत्र पर हाल के दिनों का सबसे गंभीर हमला माना जा रहा है। सऊदी GACA के अनुसार एक स्थानीय नागरिक की मौत हुई और आठ लोग घायल हुए हैं, जिनकी चोटें हल्की से लेकर गंभीर तक हैं।

हमले के बाद हवाई अड्डे के संचालन पर तत्काल असर पड़ा — रात भर दर्जनों उड़ानें डायवर्ट की गईं और हवाई क्षेत्र कुछ समय के लिए प्रतिबंधित रहा। अधिकारियों ने कहा है कि नुकसान का आकलन चल रहा है और उड़ानों के सामान्य संचालन की बहाली की कोशिशें जारी हैं।

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया है कि पूर्वी सऊदी अरब के ऊपर चार शत्रुतापूर्ण ड्रोन को मार गिराया गया, हालांकि ईरान समर्थित हूती गुट ने अब तक इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

शेबाह ऑयल फील्ड पर हमले की कोशिश: दो विदेशी श्रमिकों की मौत

हवाई अड्डे पर हमले से कुछ ही देर पहले अरामको के शेबाह ऑयल फील्ड पर ड्रोन हमले की कोशिश हुई। सऊदी सुरक्षा बलों ने ड्रोन को रोक तो लिया, लेकिन उसका जलता हुआ मलबा एक ठेकेदार के वाहन पर गिरा, जिससे वाहन में आग लग गई। इस घटना में दो विदेशी श्रमिकों की मौत हो गई — एक नेपाली और एक फिलीपीनी नागरिक। दो अन्य श्रमिक घायल हुए, जिनमें एक भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक शामिल है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर बयान जारी कर घायल भारतीय नागरिक की पुष्टि की है।

सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि शेबाह ऑयल फील्ड के संचालन में कोई बाधा नहीं आई है और तेल उत्पादन सामान्य रूप से जारी है। फिर भी इन हमलों ने सऊदी अरब की महत्वपूर्ण ऊर्जा अवसंरचना की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

प्रमुख तथ्य एक नजर में

  • हमले की जगह: दमाम का किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और अरामको का शेबाह ऑयल फील्ड
  • हवाई अड्डे पर हताहत: 1 स्थानीय नागरिक की मौत, 8 घायल (हल्की से गंभीर चोटें)
  • शेबाह पर हताहत: 2 विदेशी श्रमिकों की मौत (नेपाली और फिलीपीनी नागरिक), 2 घायल (एक भारतीय, एक पाकिस्तानी)
  • आधिकारिक पुष्टि: सऊदी GACA, भारतीय दूतावास रियाद, सऊदी ऊर्जा मंत्रालय
  • उड़ानें प्रभावित: दर्जनों उड़ानें डायवर्ट, हवाई क्षेत्र कुछ समय के लिए प्रतिबंधित
  • ड्रोन रोके गए: सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के अनुसार 4 शत्रुतापूर्ण ड्रोन मार गिराए गए; हूती गुट ने जिम्मेदारी नहीं ली

रियाद एयरपोर्ट हमले की पृष्ठभूमि

इन ताजा हमलों को हाल की घटनाओं के संदर्भ में देखना जरूरी है। 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद हवाई अड्डे पर हूती मिसाइल हमला हुआ था, जिसे वॉल स्ट्रीट जर्नल ने एक दशक का सबसे घातक हमला बताया — उसमें कम से कम 12 लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे।

क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। समुद्री निगरानी कंपनी केप्लर के आंकड़ों के अनुसार पिछले दो हफ्तों में मध्य-पूर्वी जलमार्गों में जहाजों पर कम से कम 18 हमले हो चुके हैं, जबकि एलएसईजी के विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि ईरान ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ने वाले टैंकरों को निशाना बना रहा है।

तेल की कीमतों पर असर: ब्रेंट 110 डॉलर के पार

हमलों की खबर के साथ ही अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में तेज हलचल देखी गई — 22 अक्टूबर के कारोबार में ब्रेंट क्रूड 1.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 110.11 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 98.05 से 98.12 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता रहा।

विश्लेषकों का कहना है कि अगर खाड़ी क्षेत्र की ऊर्जा अवसंरचना पर हमलों का सिलसिला जारी रहता है, तो तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है — भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों के लिए यह सीधे महंगाई और अर्थव्यवस्था पर असर डालने वाला मुद्दा है।

अमेरिका की सख्त प्रतिक्रिया: स्टाफ को वापसी का आदेश

सबसे बड़ी कूटनीतिक प्रतिक्रिया अमेरिका की ओर से आई है। अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब में तैनात गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दे दिया है। प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नागरिक हवाई अड्डों तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हूती हमलों से हुई जनहानि और यात्रा बाधाओं के कारण यह फैसला लिया गया है। रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी अधिकारी खाड़ी क्षेत्र के अन्य मिशनों से भी आश्रितों को निकालने पर विचार कर रहे हैं — वाशिंगटन स्थिति को बेहद गंभीरता से ले रहा है।

आगे क्या: बढ़ते तनाव के बीच क्षेत्र की चुनौती

दमाम और शेबाह पर हुए इन हमलों ने यह साफ कर दिया है कि खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौती का सामना कर रही है। फिलहाल सऊदी GACA हवाई अड्डे पर हुए नुकसान का आकलन कर रहा है और भारतीय दूतावास घायल भारतीय नागरिक की मदद में जुटा है।

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राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं, देश-राज्य की राजनीति और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी खबरों पर लेखन। बिजनेस और स्पोर्ट्स की खबरें भी। ब्रेकिंग न्यूज की होड़ के बीच डिजिटल मीडिया में एआई जैसे नवाचार की नर्सरी का छात्र।