Friday, 23 October 2026

जियो IPO: सिर्फ 100 मिनट में फुल सब्सक्राइब, भारत का सबसे बड़ा IPO बनने की राह पर

जियो प्लेटफॉर्म्स IPO 2026 की सब्सक्रिप्शन और ग्रे मार्केट प्रीमियम की जानकारी

भारत के शेयर बाजार ने 21 अक्टूबर 2026 को एक नया इतिहास रच दिया। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का 30,213 करोड़ रुपये का IPO बाजार में खुलते ही निवेशकों की भीड़ ने लपक लिया। बिडिंग खुलने के सिर्फ 100 मिनट के भीतर यह IPO पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया, जो भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में किसी IPO की सबसे तेज़ फुल सब्सक्रिप्शन है।

इस IPO की कामयाबी को देखते हुए यह अब तक का भारत का सबसे बड़ा IPO बनने की राह पर है। बिडिंग 23 अक्टूबर 2026 तक खुली रहेगी, लेकिन पहले दिन के आंकड़ों ने ही यह साफ कर दिया है कि निवेशक इस इश्यू को लेकर कितने उत्साहित हैं।

पहले दिन का सब्सक्रिप्शन: QIB श्रेणी ने लगाई सबसे बड़ी बोली

एनएसई के आंकड़ों के मुताबिक, पहले दिन के समापन तक जियो IPO कुल 3.4 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। सबसे ज़्यादा बोली संस्थागत निवेशकों यानी QIB श्रेणी से आई। इस श्रेणी के लिए 4.90 करोड़ शेयर आरक्षित थे, लेकिन उनके लिए करीब 44.22 करोड़ शेयरों की बोलियां आईं, यानी यह हिस्सा 9.04 गुना भर गया।

अन्य श्रेणियों की स्थिति इस प्रकार रही:

  • NII (गैर-संस्थागत निवेशक): 1.63 गुना सब्सक्रिप्शन
  • रिटेल निवेशक: 0.71 गुना — अभी पूरी तरह नहीं भरा
  • कर्मचारी रिजर्व: 1.34 गुना
  • रिलायंस शेयरहोल्डर रिजर्व: 1.43 गुना

यह साफ है कि बड़ी संस्थाओं का भरोसा इस IPO पर सबसे ज़्यादा है, जबकि रिटेल निवेशकों का हिस्सा अभी बिडिंग के अंतिम दिनों में भरने की उम्मीद है।

एंकर राउंड का रिस्पॉन्स पहले ही बता चुका था कि बाज़ार में कितना उत्साह है। 19 अक्टूबर को कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों को 8,110 करोड़ रुपये के शेयर 1,119 रुपये प्रति शेयर के ऊपरी बैंड पर आवंटित किए थे, और एंकर राउंड में 2.5 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा की मांग आई थी।

प्राइस बैंड, लॉट साइज और निवेशकों के लिए अहम जानकारियां

जियो IPO का प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। एक लॉट में 12 शेयर होंगे, यानी ऊपरी बैंड के हिसाब से एक लॉट के लिए न्यूनतम निवेश करीब 13,428 रुपये होगा।

निवेशकों के लिए कुछ खास व्यवस्थाएं भी रखी गई हैं:

  • कर्मचारियों के लिए: 500 करोड़ रुपये के शेयर आरक्षित, और कर्मचारियों को अंतिम इश्यू प्राइस पर प्रति शेयर 54 रुपये की छूट मिलेगी।
  • रिलायंस के शेयरधारकों के लिए: 2,500 करोड़ रुपये के शेयर आरक्षित रखे गए हैं, और यह हिस्सा भी पहले दिन 1.43 गुना सब्सक्राइब हो चुका है।
  • वैल्यूएशन: ऊपरी बैंड के हिसाब से कंपनी का मूल्यांकन करीब 108 अरब डॉलर (लगभग 10.3 लाख करोड़ रुपये) आंका गया है।

पूरी तरह फ्रेश इश्यू होने के कारण 27 करोड़ तक नए शेयर जारी किए जाएंगे। इसका मतलब है कि जुटाई गई पूरी रकम कंपनी के पास जाएगी — यह पैसा टेलीकॉम कारोबार का कर्ज़ कम करने और सामान्य कॉरपोरेट ज़रूरतों में लगाया जाएगा। कोई भी मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहा, यानी पैसा कंपनी के भविष्य के विकास में ही इस्तेमाल होगा।

ग्रे मार्केट में ₹249 का प्रीमियम — लेकिन सावधानी भी ज़रूरी

जियो IPO के शेयर ग्रे मार्केट में भी ज़बरदस्त प्रीमियम पर ट्रेड हो रहे हैं। InvestorGain के आंकड़ों के मुताबिक, इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 249 रुपये चल रहा है। इसके आधार पर लिस्टिंग का अनुमानित मूल्य 1,368 रुपये आंका जा रहा है, यानी निवेशकों को लिस्टिंग पर करीब 22.25 प्रतिशत का लाभ हो सकता है।

हालांकि यहां एक महत्वपूर्ण सावधानी ज़रूरी है — ग्रे मार्केट प्रीमियम एक अनौपचारिक संकेतक है, इसकी कोई गारंटी नहीं होती। लिस्टिंग का वास्तविक मूल्य बाजार की स्थिति, निवेशकों की धारणा और अन्य कारकों पर निर्भर करेगा।

पहले के बड़े IPO से तुलना

जियो IPO की पहले दिन की धूम को समझने के लिए हाल के बड़े IPO से तुलना करना उपयोगी है:

  • हुंडई मोटर इंडिया (₹27,870 करोड़, अक्टूबर 2024): पहले दिन सिर्फ 18 प्रतिशत ही सब्सक्राइब हुआ था। जियो का आंकड़ा इसके मुकाबले आसमान और ज़मीन का अंतर दिखाता है।
  • एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया: पहले दिन के समापन तक पूरी तरह भर गया था।
  • बजाज हाउसिंग फाइनेंस: पहले दिन दोपहर 2 बजे तक फुल सब्सक्राइब हो गया था।

लेकिन 100 मिनट में पूरी तरह भरना — यह रिकॉर्ड अब जियो IPO के नाम है।

पैसा कहां लगेगा: कर्ज़ घटेगा, AI और क्लाउड पर दांव

जियो प्लेटफॉर्म्स मुकेश अंबानी के रिलायंस साम्राज्य की डिजिटल और टेलीकॉम शाखा है, जिसके पास 53.33 करोड़ से ज़्यादा ग्राहक हैं। कंपनी अब टेलीकॉम से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड सेवाओं और डिजिटल सर्विसेज़ में बड़ा विस्तार करना चाहती है।

IPO से मिलने वाली रकम से टेलीकॉम कारोबार का कर्ज़ कम किया जाएगा, जिससे कंपनी का बैलेंस शीट मज़बूत होगा और भविष्य के निवेश — खासकर AI और क्लाउड जैसे क्षेत्रों में — के लिए रास्ता साफ होगा।

निवेशकों के लिए आगे क्या देखें: बिडिंग 23 अक्टूबर 2026 तक खुली रहेगी। रिटेल श्रेणी पहले दिन 0.71 गुना ही भरी है, लेकिन आमतौर पर रिटेल निवेशक अंतिम दिनों में सक्रिय होते हैं। कर्मचारी और रिलायंस शेयरधारक रिजर्व पहले दिन से ही पूरी तरह भर चुके हैं, जो घरेलू भरोसे का संकेत है।

बाज़ार विशेषज्ञों की नज़र अब अगले दो दिनों के सब्सक्रिप्शन आंकड़ों और लिस्टिंग की तारीख पर होगी। 30,213 करोड़ रुपये के इस इश्यू की लिस्टिंग न सिर्फ जियो के लिए, बल्कि पूरे भारतीय शेयर बाजार के लिए एक बड़ी परीक्षा होगी — और पहले दिन की 3.4 गुना बिडिंग इस परीक्षा में शुरुआत बेहद मज़बूत करती है।

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राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं, देश-राज्य की राजनीति और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी खबरों पर लेखन। बिजनेस और स्पोर्ट्स की खबरें भी। ब्रेकिंग न्यूज की होड़ के बीच डिजिटल मीडिया में एआई जैसे नवाचार की नर्सरी का छात्र।