Friday, 23 October 2026

मल्टीपल स्क्लेरोसिस के इलाज में नई उम्मीद: Roche की गोली फेनेरूब्रूटिनिब से रिलैप्स में 55% की कमी

मल्टीपल स्क्लेरोसिस शोध में फेनेरूब्रूटिनिब दवा के लेट-स्टेज ट्रायल परिणामों का चित्रण

मल्टीपल स्क्लेरोसिस (MS) जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए बड़ी उम्मीद की खबर आई है। स्विस दवा कंपनी Roche ने अपनी प्रयोगात्मक गोली फेनेरूब्रूटिनिब (fenebrutinib) के लेट-स्टेज ट्रायल के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें यह दवा मौजूदा इलाज के मुकाबले बीमारी के रिलैप्स (दोबारा हमले) में 55 प्रतिशत तक की कमी दिखा पाई है। ये नतीजे 21 अक्टूबर को टोरंटो में चल रहे MSToronto2026 सम्मेलन में पेश किए गए, जो ACTRIMS-ECTRIMS का 10वां संयुक्त सम्मेलन है।

अगर यह दवा नियामकीय मंजूरी हासिल कर लेती है, तो यह रिलैप्सिंग एमएस (RMS) और प्राइमरी प्रोग्रेसिव एमएस (PPMS) — MS के दोनों प्रमुख प्रकारों — के लिए FDA की समीक्षा तक पहुंचने वाली पहली BTK इनहिबिटर गोली बन जाएगी। यानी मरीजों को इंजेक्शन या इन्फ्यूजन की बजाय एक असरदार मौखिक विकल्प मिल सकता है।

क्या है फेनेरूब्रूटिनिब और यह कैसे काम करती है

फेनेरूब्रूटिनिब एक मौखिक, रिवर्सिबल और नॉन-कोवेलेंट ब्रूटन टायरोसिन काइनेज (BTK) इनहिबिटर है। सरल भाषा में कहें तो यह शरीर के इम्यून सिस्टम की दो ऐसी कोशिकाओं पर असर डालती है जो MS में नुकसान पहुंचाती हैं — बी-कोशिकाएं (B cells) और दिमाग की माइक्रोग्लिया (microglia)।

इस दवा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह ब्लड-ब्रेन बैरियर को पार कर जाती है। इसका मतलब है कि यह दिमाग के अंदर की सूजन पर भी सीधा असर डाल सकती है, न कि सिर्फ शरीर के बाकी हिस्सों में। Roche के चीफ मेडिकल ऑफिसर लेवी गैरावे का कहना है कि फेनेरूब्रूटिनिब “केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के अंदर और बाहर, दोनों जगह रोग की गतिविधि को रोक सकती है” — और इसमें रिलैप्सिंग तथा प्राइमरी प्रोग्रेसिव दोनों तरह के MS के इलाज को बदलने की क्षमता है।

ट्रायल के नतीजे: आंकड़े क्या कहते हैं

Roche ने इस दवा का परीक्षण तीन बड़े Phase III ट्रायलों में किया — रिलैप्सिंग MS के लिए FENhance 1 और 2, तथा प्राइमरी प्रोग्रेसिव MS के लिए FENtrepid। इन ट्रायलों में तुलना मानक दवा टेरिफ्लुनोमाइड (teriflunomide) से की गई। पूल्ड डेटा से जो मुख्य नतीजे सामने आए, वे इस प्रकार हैं:

  • रिलैप्स में 55% कमी: 96 हफ्तों के दौरान सालाना रिलैप्स दर (annualised relapse rate) में 55 प्रतिशत की कमी देखी गई (p<0.001)।
  • बीमारी की गतिविधि का ठहराव: लगभग दो साल बाद 75 प्रतिशत मरीजों में “बीमारी की गतिविधि का कोई सबूत नहीं” मिला — यानी न रिलैप्स हुआ, न MRI में नई गतिविधि दिखी और न ही विकलांगता बढ़ी। यह तुलना वाली दवा से 70 प्रतिशत ज्यादा था।
  • दिमाग की पुरानी सूजन में कमी: स्लोली एक्सपैंडिंग लीजन (SEL) के वॉल्यूम में 30 प्रतिशत की कमी आई, जो दिमाग में पुरानी सूजन का संकेतक है (96 हफ्ते RMS / 120 हफ्ते PPMS, p<0.001)। साथ ही पैरामैग्नेटिक रिम लीजन (PRLs) के बढ़ने में 62 प्रतिशत की कमी देखी गई (RMS, p=0.001)।
  • दिमाग के सिकुड़ने में कमी: सालाना ब्रेन वॉल्यूम लॉस (दिमाग का सिकुड़ना) 23 प्रतिशत कम रहा (p<0.001)।
  • विकलांगता के बढ़ने में कमी: 12 हफ्ते के कंपोजिट कन्फर्म्ड डिसेबिलिटी प्रोग्रेशन में 16 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई (p=0.04)।

ये आंकड़े बताते हैं कि दवा सिर्फ रिलैप्स रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि दिमाग के भीतर की पुरानी सूजन और धीमी प्रगति वाले नुकसान पर भी असर डाल रही है — जो MS के इलाज में अब तक की सबसे बड़ी चुनौती रही है।

PPMS के लिए खास महत्व

फेनेरूब्रूटिनिब का परीक्षण प्राइमरी प्रोग्रेसिव MS पर भी किया गया, जो MS का वह रूप है जिसमें बिना रिलैप्स के ही विकलांगता धीरे-धीरे बढ़ती रहती है और जिसके लिए इलाज के विकल्प बहुत सीमित हैं। Roche Pharmaceuticals की CEO टेरेसा ग्राहम ने इसे “रिलैप्सिंग और प्राइमरी प्रोग्रेसिव दोनों तरह के MS के लिए पहली हाई-एफिकेसी ओरल थेरेपी” बनने की क्षमता वाली दवा बताया है।

मंजूरी की स्थिति: कब तक मिल सकती है दवा

अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (US FDA) ने 30 सितंबर 2026 को फेनेरूब्रूटिनिब के न्यू ड्रग एप्लिकेशन को प्रायोरिटी रिव्यू के तहत स्वीकार कर लिया है — यह RMS और PPMS दोनों के लिए है। प्रायोरिटी रिव्यू का मतलब है कि FDA इस दवा की समीक्षा तेज प्रक्रिया में करेगा।

जरूरी सावधानी: यह दवा अभी भी प्रयोगात्मक (investigational) है और मंजूरी मिलना बाकी है। इसे मरीजों के लिए उपलब्ध इलाज के रूप में न समझें। डॉक्टर की सलाह के बिना किसी दवा का इस्तेमाल न करें।

बच्चों के लिए Ocrevus को भी मिली सफलता

इसी सम्मेलन में Roche ने अपनी एक अन्य MS दवा Ocrevus के OPERETTA 2 ट्रायल के नतीजे भी पेश किए — जिसमें 10 से 17 साल के बच्चों में दो साल के दौरान 90 प्रतिशत मरीज रिलैप्स-मुक्त रहे। यूरोपियन यूनियन ने 15 अक्टूबर को पेडियाट्रिक MS के लिए Ocrevus को मंजूरी दे दी है।

विशेषज्ञों की सावधानी: हर आंकड़े का मतलब समझें

चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि SEL और PRL में कमी इमेजिंग (MRI) आधारित नतीजे हैं — ये दिमाग की सूजन के अच्छे संकेतक जरूर हैं, लेकिन अपने आप में लंबे समय तक विकलांगता रुकने का प्रमाण नहीं हैं। इसके अलावा ट्रायल की सुरक्षा (सेफ्टी) डेटा और पूर्ण डेटासेट अभी आना बाकी है, इसलिए अंतिम निष्कर्ष के लिए इनका इंतजार जरूरी है।

मरीजों के लिए इसका क्या मतलब है

फिलहाल MS का कोई स्थायी इलाज नहीं है — मौजूदा दवाएं बीमारी की गतिविधि को कम करती हैं और प्रगति को धीमा करती हैं। अगर फेनेरूब्रूटिनिब को मंजूरी मिलती है तो मरीजों के पास एक ऐसी गोली का विकल्प होगा जो:

  • घर पर आसानी से ली जा सकती है (इंजेक्शन/इन्फ्यूजन की जरूरत नहीं),
  • रिलैप्स और दिमाग की पुरानी सूजन दोनों पर असर डालती है,
  • MS के दोनों प्रमुख प्रकारों — रिलैप्सिंग और प्राइमरी प्रोग्रेसिव — में असरदार साबित हुई है।

विश्वभर में लाखों MS मरीज हैं और भारत में भी इसकी पहचान बढ़ रही है। ऐसी दवा जो दिमाग के अंदर की सूजन को निशाना बनाए, इस बीमारी के इलाज के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है — बशर्ते नियामकीय समीक्षा में इसका सुरक्षा प्रोफाइल भी संतोषजनक पाए जाए।

(स्रोत: Reuters, 21 अक्टूबर 2026)

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राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं, देश-राज्य की राजनीति और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी खबरों पर लेखन। बिजनेस और स्पोर्ट्स की खबरें भी। ब्रेकिंग न्यूज की होड़ के बीच डिजिटल मीडिया में एआई जैसे नवाचार की नर्सरी का छात्र।