Sunday, 25 October 2026

शशि थरूर का BJP को संदेश: राहुल गांधी को हल्के में लेने की भूल न करें, युवाओं में बढ़ रही लोकप्रियता

एक कार्यक्रम में बातचीत करते शशि थरूर और राहुल गांधी

देश की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी को सीधी सलाह देते हुए कहा कि राहुल गांधी को हल्के में लेने की भूल नहीं करनी चाहिए। उनका कहना है कि पिछले कुछ महीनों में राहुल गांधी ने देश के युवा मतदाताओं के भीतर एक नया उत्साह और जोश भर दिया है, और भाजपा को इस बदले हुए माहौल पर गहराई से विचार करना चाहिए।

थरूर दिल्ली में आयोजित एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में बोल रहे थे। यह वही मंच है जहां एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना नाम लिए राहुल गांधी पर तीखा तंज कसा था। थरूर की टिप्पणियों को प्रधानमंत्री के उस हमले का सीधा जवाब माना जा रहा है, जिससे देश की सियासत में एक नया वार-पलटवार का दौर शुरू हो गया है।

पीएम मोदी के तंज पर थरूर का पलटवार

गुरुवार को इसी समिट के उद्घाटन दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा था। राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा था कि पता नहीं कब तक कांग्रेस अपने फेल्ड प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश को दांव पर लगाती रहेगी। प्रधानमंत्री ने तंज कसते हुए कहा था कि श्रीहरिकोटा से एक साल में जितने रॉकेट लॉन्च होते हैं, उतनी बार कांग्रेस अपने नेता को लॉन्च करने की असफल कोशिशें करती है।

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को परजीवी बताते हुए आरोप लगाया था कि पार्टी दूसरी राजनीतिक पार्टियों और संगठनों को आगे बढ़ने से रोकती है। उन्होंने यह भी कहा था कि नेहरू-गांधी परिवार अब कांग्रेस के लिए बोझ बन चुका है और पार्टी के वरिष्ठ नेता भी निजी बातचीत में इस बात को स्वीकार करते हैं। प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस खेमे में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली, और अब थरूर ने इसका विस्तृत जवाब दिया है।

युवाओं में राहुल की बढ़ती लोकप्रियता पर थरूर का दावा

शशि थरूर ने कहा कि प्रधानमंत्री के आरोप निराधार हैं और राहुल गांधी पिछले कुछ महीनों में युवा मतदाताओं में नया उत्साह पैदा करने में सफल रहे हैं। थरूर के मुताबिक, भाजपा को इस बात का अहसास हो चुका है कि युवाओं में राहुल गांधी का प्रभाव बढ़ रहा है, इसीलिए उन्हें बदनाम करने की सोची-समझी कोशिशें तेज कर दी गई हैं।

थरूर ने भाजपा को सलाह दी कि वह राहुल गांधी को नजरअंदाज करने की बजाय युवाओं के बीच उनके प्रभाव और जन-असंतोष पर ध्यान दे। उन्होंने कहा कि यह बदलाव देश की राजनीति में नए सिरे से सोच और ऊर्जा का परिचायक है। थरूर ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी ने युवाओं के बीच एक नई ऊर्जा और जोश को जन्म दिया है और यही भाजपा के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

  • थरूर का दावा: राहुल गांधी ने युवा मतदाताओं में नया उत्साह पैदा किया है।
  • भाजपा पर आरोप: बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर राहुल को बदनाम करने की कोशिश।
  • सलाह: नजरअंदाज करने की बजाय युवाओं के असंतोष पर ध्यान दें।
  • संदर्भ: पीएम मोदी के फेल्ड प्रोडक्ट वाले तंज का जवाब।

पार्टी के भीतर अलग विचारों पर थरूर का रुख

कार्यक्रम के दौरान थरूर ने कांग्रेस से अलग विचार रखने के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई बार अपनी पार्टी से अलग विचार व्यक्त किए हैं, लेकिन वे अब भी कांग्रेस का हिस्सा हैं। थरूर ने बताया कि उन्हें विदेश मामलों की संसदीय समिति की अध्यक्षता करने और पार्टी के लिए काम करने का अवसर मिला है।

थरूर ने कहा कि अलग राय रखने का मतलब यह नहीं है कि किसी को पार्टी से अलग मान लिया जाए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र है और पार्टी के भीतर अलग-अलग विचार रखने के बावजूद वह अब भी पार्टी का हिस्सा बने हुए हैं। थरूर ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय भविष्य से जुड़े अहम मुद्दों पर कांग्रेस के मूल्यों, उसकी राजनीति और विपक्षी एकता के सिद्धांतों का वह समर्थन करते हैं।

कांग्रेस भाजपा का मुकाबला करने को तैयार: थरूर

प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस को परजीवी बताते हुए आरोप लगाया था कि पार्टी दूसरों को आगे बढ़ने नहीं देती और सरकार का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वाली आवाजों को दबाया जा रहा है। इसके जवाब में थरूर ने कहा कि कांग्रेस बीजेपी और केंद्र सरकार का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

थरूर ने कहा कि कांग्रेस अपने मूल्यों और विपक्षी एकता के सिद्धांतों पर डटी हुई है। उनका कहना है कि पार्टी सत्ता पक्ष की नीतियों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करती रहेगी और इस लड़ाई में पीछे नहीं हटेगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्ष और सरकार के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है।

वोट चोरी और एसआईआर पर चल रही राजनीति

इस राजनीतिक बहस के बीच राहुल गांधी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी प्रदर्शनों का नेतृत्व भी कर रहे हैं। कांग्रेस इन प्रदर्शनों में मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए वोट चोरी का आरोप लगाती रही है। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाल ही में राष्ट्रपति भवन से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला और दिल्ली की सड़कों पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर नाम काटे जा रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करता रहा है।

आगे की राह: सियासी टकराव जारी

शशि थरूर के इस करारे जवाब के बाद अब देश की राजनीति में यह बहस छिड़ गई है कि क्या राहुल गांधी वास्तव में युवाओं की नई पसंद बन रहे हैं या फिर राजनीतिक वार-पलटवार का यह सिलसिला ऐसे ही जारी रहेगा। एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर लगातार हमलावर हैं, तो दूसरी तरफ थरूर जैसे नेता भाजपा को राहुल की बढ़ती लोकप्रियता का आईना दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।

आने वाले दिनों में यह सियासी तकरार और तेज होने की संभावना है, खासकर तब जब देश में मतदाता सूची पुनरीक्षण और चुनावी सुधारों को लेकर विपक्ष का आंदोलन जारी है। युवाओं के बीच किसका संदेश ज्यादा असर डालता है, यह आने वाले चुनावों में साफ हो सकता है।

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राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं, देश-राज्य की राजनीति और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी खबरों पर लेखन। बिजनेस और स्पोर्ट्स की खबरें भी। ब्रेकिंग न्यूज की होड़ के बीच डिजिटल मीडिया में एआई जैसे नवाचार की नर्सरी का छात्र।