Sunday, 25 October 2026

जियो IPO ने बनाया विश्व रिकॉर्ड: 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन, 1.38 करोड़ आवेदन, ₹7.40 लाख करोड़ की बोलियां

जियो प्लेटफॉर्म्स IPO की ऐतिहासिक क्लोजिंग पर विश्व रिकॉर्ड की ग्राफिक जानकारी

देश के सबसे बड़े जियो IPO ने भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास में नया अध्याय लिख दिया है। जियो प्लेटफॉर्म्स के ₹30,213 करोड़ के IPO ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को ऐतिहासिक क्लोजिंग के साथ विश्व रिकॉर्ड बना दिया। बिडिंग बंद होने तक यह IPO 22 गुना से भी ज्यादा सब्सक्राइब हो चुका था और तीन दिनों में 1.38 करोड़ से अधिक आवेदन आए — दुनिया में आज तक किसी भी IPO को इतने आवेदन नहीं मिले थे। 21 से 23 अक्टूबर तक इस इश्यू में कुल ₹7.40 लाख करोड़ की बोलियां आईं।

कुल बोलियां ₹7.40 लाख करोड़ पहुंचीं

23 अक्टूबर की शाम सात बजे जियो IPO के लिए बोलियां समाप्त हो गईं। तीन दिनों के दौरान 1.38 करोड़ से ज्यादा आवेदन आए और एंकर तथा गैर-एंकर निवेशकों की कुल बोलियां करीब ₹7.40 लाख करोड़ पहुंच गईं। इनमें गैर-एंकर निवेशकों से करीब ₹4.90 लाख करोड़ और एंकर निवेशकों से करीब ₹2.50 लाख करोड़ की मांग शामिल है। एनएसई के आंकड़ों के अनुसार कुल 27 करोड़ शेयरों के मुकाबले 655.68 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां आईं — यानी कुल 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन।

श्रेणीवार मांग की बात करें तो बड़े संस्थागत निवेशकों (QIB) की कैटेगरी 70.55 गुना सब्सक्राइब हुई, जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की कैटेगरी 14 गुना भरी गई। रिलायंस के शेयरहोल्डरों के लिए आरक्षित कोटा 7.60 गुना और कर्मचारियों का कोटा 2.93 गुना सब्सक्राइब हुआ। एंकर बुक में 212 एंकर निवेशकों को ₹8,110 करोड़ के शेयर आवंटित किए गए थे, जिसके लिए 30 गुना से ज्यादा मांग आई थी। फिडेलिटी, एलियांज, ब्लैकरॉक, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ SBI और HDFC म्यूचुअल फंड तथा कैपिटल ग्रुप जैसे घरेलू निवेशक भी एंकर बुक में शामिल रहे।

रिटेल निवेशकों में जबरदस्त होड़

जियो IPO में रिटेल निवेशकों के बीच भी शेयरों के लिए जबरदस्त होड़ रही। रिटेल कैटेगरी में करीब 8.5 करोड़ शेयर उपलब्ध थे, लेकिन 23 करोड़ से ज्यादा शेयरों के लिए बोलियां आईं — यानी उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 2.72 गुना मांग रही। बिडिंग बंद होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कितने निवेशकों को शेयर मिल पाएंगे। हालांकि सब्सक्रिप्शन का यह अनुपात सीधे अलॉटमेंट की संभावना नहीं बताता — शेयरों का आवंटन वैध आवेदनों, न्यूनतम लॉट और लागू अलॉटमेंट प्रक्रिया के आधार पर होगा।

एक के बाद एक रिकॉर्ड

जियो IPO ने आवेदनों के मामले में पिछला रिकॉर्ड बड़े अंतर से तोड़ा है। इससे पहले सबसे ज्यादा आवेदन पाने का रिकॉर्ड वारी एनर्जीज़ के नाम था — अक्टूबर 2024 में उसके IPO को 97.34 लाख आवेदन मिले थे। जियो को इससे करीब 42 फीसदी ज्यादा आवेदन मिले। इसके अलावा जियो IPO 100 मिनट के भीतर ही 100% सब्सक्राइब हो गया था — मेगा IPOs में यह सबसे तेज गति का रिकॉर्ड है। पहले दिन करीब 30.5 लाख आवेदन आए थे, जबकि दूसरे दिन के अंत तक यह संख्या 75 लाख पार कर गई थी।

₹30,213 करोड़ के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स ने हुंडई मोटर इंडिया के ₹27,870 करोड़ के IPO (2024) को पीछे छोड़कर भारत के इतिहास का सबसे बड़ा IPO बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 का था और ऊपरी सिरे पर जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन करीब ₹10.3 लाख करोड़ (लगभग 108.3 अरब डॉलर) बैठती है — यानी IPO वैल्यूएशन के हिसाब से भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी के रूप में बाजार में उतरेगी।

100% फ्रेश इश्यू — पुराने निवेशकों ने नहीं बेचा एक भी शेयर

इस IPO की एक खास संरचनात्मक बात यह है कि यह 27 करोड़ शेयरों का पूरी तरह ‘फ्रेश इश्यू’ है — इसमें मेटा और गूगल जैसे शुरुआती निवेशकों या अंबानी परिवार के किसी सदस्य ने एक भी शेयर नहीं बेचा। इससे जुटाई गई पूरी रकम सीधे कंपनी की बैलेंस शीट में जाएगी, जिसका इस्तेमाल अगली पीढ़ी के डिजिटल 6G नेटवर्क के विस्तार, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और AI एंटरप्राइज प्लेटफॉर्म्स के लिए किया जाएगा, साथ ही रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज को भी कम किया जाएगा। विश्लेषकों के मुताबिक यही बात इसे हुंडई और LG जैसे बड़े इश्यूज से अलग करती है, जिनमें पैसा विदेशी पैरेंट कंपनियों के पास चला गया था।

अब आगे क्या? महत्वपूर्ण तारीखें

  • 26 अक्टूबर 2026 — शेयरों का अलॉटमेंट
  • 27 अक्टूबर 2026 — शेयर डीमैट खातों में क्रेडिट
  • 28 अक्टूबर 2026 — BSE और NSE पर लिस्टिंग

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस IPO की अभूतपूर्व सफलता से भारतीय प्राइमरी मार्केट में संस्थागत और रिटेल दोनों तरह के निवेशकों का भरोसा और मजबूत होगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है, क्योंकि जियो प्लेटफॉर्म्स को समूह की सबसे बड़ी ग्रोथ इंजन माना जाता है।

ग्रे मार्केट में जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों का प्रीमियम (GMP) ₹253 से ₹257 के बीच चल रहा है, जो इश्यू प्राइस से करीब 21-24.5 प्रतिशत अधिक है। अनौपचारिक बाजार के संकेतों के मुताबिक संभावित लिस्टिंग प्राइस ₹1,372 तक रह सकता है — यानी ऊपरी प्राइस बैंड से करीब 22.6 प्रतिशत ऊपर। एक रोचक संयोग यह भी रहा कि 23 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी का जन्मदिन भी था — और इसी दिन दुनिया में सबसे ज्यादा आवेदन पाने वाले IPO की ऐतिहासिक बिडिंग पूरी हुई।

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राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं, देश-राज्य की राजनीति और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी खबरों पर लेखन। बिजनेस और स्पोर्ट्स की खबरें भी। ब्रेकिंग न्यूज की होड़ के बीच डिजिटल मीडिया में एआई जैसे नवाचार की नर्सरी का छात्र।