Sunday, 25 October 2026

SIR विरोध पर के. अन्नामलाई ने कांग्रेस और CJP को घेरा, केंद्र सरकार पर भी साधा निशाना

के. अन्नामलाई — वी द लीडर्स के नेता, SIR विरोध पर बयान देते हुए

तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और अब “वी द लीडर्स” (We The Leaders) के नेता के. अन्नामलाई ने SIR को लेकर कांग्रेस और CJP के विरोध-प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। 21 अक्टूबर को X पर पोस्ट के जरिए उन्होंने कांग्रेस की आलोचना की, CJP समेत विपक्ष के रुख पर सवाल उठाए और केंद्र सरकार पर भी सीधा हमला बोला। दोनों पक्षों को एक साथ घेरने वाला यह रुख चर्चा में है।

अन्नामलाई ने कांग्रेस से पूछा कि जब SIR की प्रक्रिया चल रही थी, तब वह क्या कर रही थी। साथ ही विरोध को “राष्ट्रविरोधी” और “विदेशी फंडिंग” से जोड़ने की प्रवृत्ति को आड़े हाथों लिया — उनके मुताबिक यह प्रवृत्ति अब उबाऊ और थकाऊ हो चुकी है। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब SIR को लेकर कांग्रेस और CJP की ओर से विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा है।

कांग्रेस पर सवाल, CJP और संस्थाओं पर टिप्पणी

अन्नामलाई ने कहा कि उन्होंने एक दिन पहले भी कांग्रेस से यही सवाल पूछा था — SIR की प्रक्रिया चल रही थी, तब कांग्रेस क्या कर रही थी? प्रक्रिया के समय खामोश रहना और बाद में विरोध का झंडा उठाना दोहरा रवैया है। अगर आपत्ति थी, तो उसी समय बात रखनी चाहिए थी।

इस सवाल के जरिए उन्होंने कांग्रेस की मंशा पर प्रश्नचिह्न लगाया है। प्रक्रिया गुजर जाने के बाद विरोध करना राजनीतिक सुविधा से ज्यादा कुछ नहीं लगता।

साथ ही अन्नामलाई ने कहा कि अगर कुछ व्यक्तियों से गलती हुई है, तो लोकतंत्र की संस्थाओं को उसी स्याही से बदनाम नहीं करना चाहिए। व्यक्तिगत गलतियों को पूरे लोकतांत्रिक ढांचे पर थोपना गलत है।

उनके अनुसार संस्थाएं किसी व्यक्ति या घटना से बड़ी होती हैं। कुछ के गलत कदमों पर पूरे ढांचे की साख पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। विरोध का भी एक दायरा होना चाहिए।

“एंटी-नेशनल” कहने की राजनीति पर तंज

अन्नामलाई ने कहा — “enough of this anti-national thing” — अब इस “एंटी-नेशनल” वाली बात का बहुत हो चुका। केंद्र के खिलाफ हर विरोध को राष्ट्रविरोधी घोषित करना और विदेशी फंडिंग से जोड़ना उबाऊ और थकाऊ हो गया है।

उन्होंने कहा कि असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है। केंद्र की नीतियों से असहमत हर आवाज को राष्ट्रविरोधी कहना गलत है और लोकतांत्रिक बहस की सेहत के लिए हानिकारक है।

FCRA और दूतावासों का हवाला

अन्नामलाई ने कहा कि FCRA गृह मंत्रालय (MHA) के नियंत्रण में है, और सभी एजेंसियां विपक्षी दलों को रिपोर्ट नहीं करतीं। सुरक्षा-निगरानी का संस्थागत तंत्र पहले से मौजूद है, इसलिए हर मामले में विपक्ष की ओर उंगली उठाने की जरूरत नहीं है।

साथ ही उन्होंने कहा कि विदेशों में सभी भारतीय दूतावासों के पास पर्याप्त लोग हैं, जो विदेशी दुश्मनों से मिले किसी भी भारतीय नागरिक पर नजर रख सकते हैं। ऐसे में हर विरोध को विदेशी साजिश से जोड़ना बेबुनियाद है।

केंद्र सरकार पर सीधा हमला

अन्नामलाई ने कहा कि केंद्र सरकार भूल जाती है कि वह दिल्ली में 12 से अधिक वर्षों से सत्ता में है, फिर भी खुद को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए हर समय एक दुश्मन गढ़ती रहती है। “Sadly, that’s a pity!” — यह स्थिति दयनीय है।

इतने लंबे समय बाद भी काल्पनिक दुश्मनों की जरूरत सरकार की कमजोरी दर्शाती है, ताकत नहीं। तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष का सत्ता पक्ष पर यह हमला खासी चर्चा बटोर रहा है।

मुख्य बिंदु

  • 21 अक्टूबर को X पोस्ट में अन्नामलाई ने SIR विरोध पर कांग्रेस और CJP को घेरा।
  • कांग्रेस से सवाल: SIR प्रक्रिया चल रही थी, तब क्या कर रही थी?
  • कुछ व्यक्तियों की गलती पर संस्थाओं को उसी स्याही से बदनाम न किया जाए।
  • “एंटी-नेशनल” की राजनीति उबाऊ और थकाऊ; हर विरोध को विदेशी फंडिंग से जोड़ने पर आपत्ति।
  • FCRA गृह मंत्रालय के नियंत्रण में; एजेंसियां विपक्ष को रिपोर्ट नहीं करतीं।
  • दूतावासों के पास विदेशी दुश्मनों से मिले नागरिकों पर नजर रखने के लिए पर्याप्त लोग हैं।
  • केंद्र पर हमला: 12+ वर्षों से सत्ता में, फिर भी हर समय दुश्मन गढ़ती है — “that’s a pity”।
  • NEET प्रदर्शनकारियों से बातचीत की मांग के बाद से हमलों का आनंद; “बी-टीम” ठप्पा जल्द हटेगा।

निष्कर्ष

अन्नामलाई ने यह भी बताया कि जब से उन्होंने केंद्र से NEET प्रदर्शनकारियों से बातचीत की मांग की है, तब से उन पर लगातार हमले हो रहे हैं। लेकिन उन्हें इन हमलों का आनंद आ रहा है, क्योंकि इससे “बीजेपी की बी-टीम” का ठप्पा जल्द हट जाएगा। उनका कहना है कि जो उन्हें बी-टीम बताते थे, वे अब खुद हमला कर रहे हैं — यही सबूत है कि वह किसी की बी-टीम नहीं हैं। “वी द लीडर्स” के मंच से यह बयान उनके स्वतंत्र राजनीतिक आवाज के तौर पर स्थापित होने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। तमिलनाडु की राजनीति में उनकी नई भूमिका को देखते हुए आने वाले दिनों में इस बयान पर और प्रतिक्रियाएं आना तय माना जा रहा है।

(ABP News में पत्रकार संतोष सिंह द्वारा 22 अक्टूबर को सुबह 08:10 बजे प्रकाशित, 08:25 बजे अपडेट रिपोर्ट पर आधारित।)

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राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं, देश-राज्य की राजनीति और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी खबरों पर लेखन। बिजनेस और स्पोर्ट्स की खबरें भी। ब्रेकिंग न्यूज की होड़ के बीच डिजिटल मीडिया में एआई जैसे नवाचार की नर्सरी का छात्र।