Tuesday, 27 October 2026

कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप में भारत का विजयी अभियान जारी, पुरुष और महिला टीमों ने दर्ज की लगातार तीसरी जीत

कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप में खेलते भारतीय कबड्डी खिलाड़ी

अहमदाबाद में खेली जा रही पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप में भारतीय टीमों का विजयी अभियान जारी है। रविवार को खेले गए मुकाबलों में भारत की पुरुष टीम ने मलेशिया को हराया, जबकि महिला टीम ने युगांडा को मात दी। इन जीतों के साथ दोनों भारतीय टीमों ने टूर्नामेंट में लगातार तीसरी जीत दर्ज कर ली है। घरेलू मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों का यह दबदबा कबड्डी प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है।

यह चैंपियनशिप 23 से 31 अक्टूबर तक अहमदाबाद के वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित की जा रही है। इसमें 13 देशों की 23 टीमें हिस्सा ले रही हैं। पुरुष और महिला वर्ग में कुल 62 मुकाबले खेले जाने हैं। सेमीफाइनल 30 अक्टूबर को और फाइनल मुकाबले 31 अक्टूबर को खेले जाएंगे। इस स्तर की प्रतियोगिता से अलग-अलग देशों की टीमों को कबड्डी में प्रतिस्पर्धा का साझा मंच मिला है।

## तीसरे दिन के मुकाबलों का हाल

रविवार को पुरुष वर्ग के मुकाबले में भारत ने मलेशिया को 37-23 से हराया। इस मैच में नीरज नरवाल सबसे बेहतरीन खिलाड़ी रहे। उन्होंने कुल 13 अंक हासिल किए, जिनमें चार बोनस अंक भी शामिल थे। भरत हुड्डा ने छह रेड अंक, आदित्य शिंदे ने पांच रेड अंक बनाए। प्रो कबड्डी लीग के सबसे मूल्यवान खिलाड़ी नवीन कुमार ने भी टीम की जीत में अहम योगदान दिया।

महिला वर्ग में भारतीय टीम ने युगांडा को 41-18 से मात दी। महिला टीम ने शुरुआत से ही मैच पर नियंत्रण बनाए रखा। रेडिंग और डिफेंस, दोनों में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। युगांडा की टीम भारतीय डिफेंस के सामने ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी और उसे बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इन दोनों जीतों ने भारत की दोनों टीमों को अपने-अपने वर्ग में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है।

## पहले दिन कैसी रही शुरुआत

टूर्नामेंट की शुरुआत भी भारतीय टीमों के लिए शानदार रही थी। पहले दिन महिला टीम ने मलेशिया को 73-13 से करारी शिकस्त दी थी। इस मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही मलेशिया पर दबाव बनाए रखा। हाफ टाइम तक भारत 30-11 से आगे था। दूसरे हाफ में भारतीय खिलाड़ियों ने और आक्रामक खेल दिखाया और मलेशिया को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। भारत ने यह मुकाबला 73-13 से अपने नाम किया।

उसी दिन पुरुष टीम ने इंग्लैंड को 46-26 से हराया था। दोनों मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने रेडिंग और डिफेंस में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। महिला टीम की ओर से साक्षी सबसे सफल खिलाड़ी रहीं। उन्होंने कुल 13 अंक हासिल किए, जिनमें आठ रेड अंक और पांच टैकल अंक शामिल थे। कप्तान निधि शर्मा ने आठ रेड अंक जोड़े, जबकि रेणुका ने नौ रेड अंकों के साथ योगदान दिया। भारत ने मुकाबले में मलेशिया को छह बार ऑलआउट किया और खुद एक बार भी ऑलआउट नहीं हुआ।

## दूसरे दिन भी जारी रहा दबदबा

टूर्नामेंट के दूसरे दिन, शनिवार को भी भारतीय टीमों ने एकतरफा मुकाबले अपने नाम किए। पुरुष वर्ग में भारत ने युगांडा को 44-30 से हराया, जबकि महिला वर्ग में भारतीय टीम ने सिंगापुर के खिलाफ 32-16 से आसान जीत दर्ज की। पुरुष टीम की जीत में शिवम पटारे ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने आठ रेड अंक हासिल किए, जिनमें छह टच और दो बोनस अंक शामिल थे। नवीन कुमार और भरत ने छह-छह रेड अंक जुटाए, जबकि आदित्य शिंदे ने चार अंक जोड़े।

भारत ने इस मुकाबले में 27 रेड अंक, 11 टैकल अंक और ऑलआउट से छह अंक हासिल किए। डिफेंस में अजीत पवार ने तीन टैकल अंक अर्जित किए। नितेश, योगेश दहिया और दीपक ने दो-दो टैकल अंक हासिल किए। युगांडा की ओर से मुलैरे डगलस ने नौ रेड अंक बनाकर अपनी टीम के लिए सर्वाधिक योगदान दिया, लेकिन रक्षात्मक प्रदर्शन में पिछड़ने के कारण युगांडा को हार का सामना करना पड़ा।

महिला वर्ग में सिंगापुर के खिलाफ भारतीय टीम ने 32-16 से जीत दर्ज की। भारत की ओर से साक्षी ने छह रेड अंक हासिल किए, जबकि रेणुका और अनु ने चार-चार अंक जोड़े। निधि शर्मा ने तीन अंक का योगदान दिया। भारतीय टीम ने 19 रेड अंक, नौ टैकल अंक और ऑलआउट से चार अंक हासिल किए। डिफेंस में सुमन ने चार टैकल अंक लेकर अहम भूमिका निभाई, जबकि मुस्कान शर्मा ने दो अंक जुटाए।

## कौन-कौन से देश ले रहे हैं हिस्सा

इस चैंपियनशिप में भारत के अलावा श्रीलंका, बांग्लादेश, नाइजीरिया, केन्या, तंजानिया, कनाडा, सिंगापुर, मलेशिया, युगांडा, इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और ऑस्ट्रेलिया की टीमें भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता में 400 से अधिक खिलाड़ी उतर रहे हैं। कुल मुकाबलों में पुरुष वर्ग के 39 और महिला वर्ग के 23 मैच शामिल हैं।

भारत की पुरुष टीम की कमान सुरजीत सिंह को सौंपी गई है और नवीन कुमार उपकप्तान हैं। महिला टीम का नेतृत्व निधि शर्मा कर रही हैं, जबकि रितु उपकप्तान की भूमिका निभा रही हैं। इन नेतृत्वकर्ताओं की घोषणा 22 अक्टूबर को की गई थी। घरेलू मैदान पर दोनों भारतीय टीमों के मुकाबले प्रतियोगिता के शुरुआती आकर्षणों में शामिल हैं।

## कबड्डी के लिए क्यों अहम है यह टूर्नामेंट

कबड्डी भारत का पारंपरिक खेल है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे अभी वह पहचान नहीं मिली है, जो क्रिकेट या हॉकी को मिली हुई है। कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप जैसे आयोजनों से इस खेल को वैश्विक मंच मिलता है। अलग-अलग देशों की टीमें जब एक-दूसरे के खिलाफ खेलती हैं, तो खेल का स्तर भी बढ़ता है और नए देशों में इसकी लोकप्रियता भी फैलती है।

लगातार तीन जीत के बाद भारतीय टीमों का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है। लेकिन टूर्नामेंट अभी लंबा है और आगे के मुकाबलों में चुनौती और बढ़ सकती है। सेमीफाइनल 30 अक्टूबर को और फाइनल 31 अक्टूबर को खेले जाएंगे। तब तक टीमों को अपनी लय बनाए रखनी होगी और चोटों से भी बचना होगा।

फिलहाल, भारतीय कबड्डी प्रेमियों के लिए यह समय जश्न मनाने का है। पुरुष और महिला, दोनों टीमों ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत की है और लगातार तीन जीत दर्ज की हैं। अगर यही प्रदर्शन आगे भी जारी रहा, तो अहमदाबाद में होने वाले फाइनल में भारतीय टीमों का दबदबा देखने को मिल सकता है।

About the author

राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं, देश-राज्य की राजनीति और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी खबरों पर लेखन। बिजनेस और स्पोर्ट्स की खबरें भी। ब्रेकिंग न्यूज की होड़ के बीच डिजिटल मीडिया में एआई जैसे नवाचार की नर्सरी का छात्र।