Friday, 23 October 2026

एशियन पैरा गेम्स 2026: 21 अक्टूबर को भारत का स्वर्णिम धमाका, 62 पदकों के साथ पदक तालिका में 5वां स्थान

एशियन पैरा गेम्स 2026 नागोया में ट्रैक पर दौड़ते भारतीय पैरा एथलीट

नागोया। जापान के आइची-नागोया में चल रहे 5वें एशियन पैरा गेम्स 2026 (18 से 24 अक्टूबर) में बुधवार, 21 अक्टूबर का दिन भारतीय खेलों के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया। पैरा एथलेटिक्स की ट्रैक और फील्ड स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों ने एक के बाद एक स्वर्ण पदक जीते, तो तीरंदाजी, तैराकी और पावरलिफ्टिंग में भी तिरंगा लहराया। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के दम पर भारत का कुल पदक आंकड़ा 62 तक पहुंच गया है — जिसमें 14 स्वर्ण, 22 रजत और 26 कांस्य पदक शामिल हैं। सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि भारत पदक तालिका में छठे स्थान से छलांग लगाकर पांचवें पायदान पर पहुंच गया।

पदक तालिका में भारत की बड़ी छलांग

इन खेलों में एशिया की पैरा खेल महाशक्ति चीन 226 पदकों के साथ तालिका में शीर्ष पर बनी हुई है। मेजबान जापान 100 पदकों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि उज्बेकिस्तान 89 पदकों के साथ तीसरे और दक्षिण कोरिया 46 पदकों के साथ चौथे स्थान पर है। भारत ने 62 पदकों के दम पर पांचवां स्थान हासिल किया है, जो इन खेलों में उसके लगातार बढ़ते दबदबे का प्रमाण है।

ट्रैक और फील्ड में स्वर्णिम प्रदर्शन

सिमरन शर्मा: स्प्रिंट ट्रैक की बेमिसाल रानी

21 अक्टूबर का सबसे चमकदार सितारा रहीं धाविका सिमरन शर्मा। महिलाओं की 100 मीटर टी12 स्पर्धा में उन्होंने 12.02 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता और नया गेम्स रिकॉर्ड भी कायम किया। रजत पदक ईरान की हजर सफरजादेह के नाम रहा, जिन्होंने 12.30 सेकंड में दौड़ पूरी की।

यह सिमरन का इन खेलों का दूसरा स्वर्ण पदक था। इससे पहले वह 200 मीटर टी12 स्पर्धा में भी 24.80 सेकंड के गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीत चुकी हैं। दो स्पर्धाओं में दो गेम्स रिकॉर्ड और दो स्वर्ण पदक — सिमरन ने साबित कर दिया कि वह एशिया की सबसे तेज पैरा धाविकाओं में शुमार हैं।

प्रवीण कुमार: ऊंची कूद में बरकरार बादशाहत

पुरुषों की ऊंची कूद टी44/64 वर्ग में प्रवीण कुमार ने 2.05 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया और नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया। खास बात यह है कि प्रवीण ने अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया है — यानी वह लगातार एशियन पैरा गेम्स चैंपियन बने हुए हैं।

उनके बाद हमवतन बंटी ने 1.92 मीटर की छलांग के साथ रजत पदक जीता — इस तरह इस स्पर्धा में भारत ने पहला और दूसरा, दोनों स्थान अपने नाम किए।

शॉट पुट में तिरंगे का ऐतिहासिक दबदबा

पुरुषों के शॉट पुट एफ46 वर्ग में भारत ने पूरा पोडियम अपने नाम कर लिया। सचिन खिलाड़ी ने 15.87 मीटर के गेम्स रिकॉर्ड थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। यह उनका लगातार दूसरा एशियन पैरा गेम्स स्वर्ण है। गौरतलब है कि सचिन पेरिस 2024 पैरालिंपिक के रजत पदक विजेता भी हैं।

इसी स्पर्धा में मोहम्मद यासर ने 15.06 मीटर के सीजन बेस्ट थ्रो के साथ रजत पदक और परवीन ने कांस्य पदक जीता। एक ही स्पर्धा के तीनों पदक भारत के नाम — यह भारतीय पैरा एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक क्लीन स्वीप रहा।

आयुष वर्मा: शॉट पुट में स्वर्ण, दूसरा पदक

पुरुषों के शॉट पुट एफ53 वर्ग में आयुष वर्मा ने अपने पांचवें प्रयास में 8.16 मीटर का थ्रो फेंककर स्वर्ण पदक हासिल किया। यह इन खेलों में आयुष का दूसरा पदक है — इससे पहले उन्होंने भाला फेंक एफ53/54 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था।

100 मीटर में भारत का एक-दो फिनिश

पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में दिलीप गावित ने 10.69 सेकंड में दौड़ पूरी कर स्वर्ण पदक जीता, जबकि मोहम्मद मोर्शिंगनाथ बासिल 10.72 सेकंड के समय के साथ रजत पदक लेकर दूसरे स्थान पर रहे। एक ही स्पर्धा में भारत के दो धावकों का शीर्ष दो स्थानों पर कब्जा भारतीय स्प्रिंट की बढ़ती ताकत का संकेत है।

एथलेटिक्स के बाहर भी भारतीय चमक

पैरा एथलेटिक्स के अलावा अन्य खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक जीते:

  • तीरंदाजी: शीतल देवी और पायल नाग की जोड़ी ने महिलाओं की कंपाउंड डबल्स स्पर्धा में रजत पदक जीता।
  • तैराकी: रवि कार्तिक बुडिगिना ने 100 मीटर बैकस्ट्रोक एस13 में रजत पदक हासिल किया, जबकि हिमांशु नंदल ने 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एस11 में कांस्य पदक अपने नाम किया।
  • पावरलिफ्टिंग: कस्तूरी राजामणि ने महिलाओं के 67 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता।
  • पैरा बैडमिंटन: कृष्णा नागर और सिवाराजन सोलाईमलाई की जोड़ी ने पुरुष युगल एसएच6 में रजत पदक पक्का कर लिया है।

रिकॉर्ड की ओर बढ़ता भारतीय दल

सिर्फ पैरा एथलेटिक्स ने ही भारत को लगभग 42 पदक दिलाए हैं, जिनमें 13 स्वर्ण पदक शामिल हैं। गौरतलब है कि हांगझोउ 2022 में भारत ने 29 स्वर्ण समेत रिकॉर्ड 111 पदक जीते थे। इस बार 168 खिलाड़ियों — 112 पुरुष और 56 महिलाओं — का दल जापान गया है, और खेल अभी जारी हैं। जिस रफ्तार से पदक आ रहे हैं, उससे उम्मीद बंधी है कि भारतीय दल अपने पिछले रिकॉर्ड को चुनौती दे सकता है।

समापन: हौसले की जीत

21 अक्टूबर का यह प्रदर्शन भारतीय पैरा खेलों के सुनहरे दौर की गवाही देता है। ट्रैक पर सिमरन शर्मा की रफ्तार हो, ऊंची कूद में प्रवीण कुमार की छलांग हो या शॉट पुट में सचिन खिलाड़ी की ताकत — हर भारतीय खिलाड़ी ने साबित किया कि मेहनत और हौसले के सामने कोई बाधा बड़ी नहीं होती। अब सबकी निगाहें बचे हुए मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां भारत और अधिक पदकों की उम्मीद लगाए बैठा है। नागोया में लहराता तिरंगा पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है।

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राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं, देश-राज्य की राजनीति और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी खबरों पर लेखन। बिजनेस और स्पोर्ट्स की खबरें भी। ब्रेकिंग न्यूज की होड़ के बीच डिजिटल मीडिया में एआई जैसे नवाचार की नर्सरी का छात्र।