जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियाई पैरा खेल-2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार को खेलों के पांचवें दिन भारत को बैडमिंटन और तीरंदाजी में कई पदक मिले। सबसे बड़ा आकर्षण रहा पैरा बैडमिंटन के पुरुष एकल एसएल3 वर्ग का ऑल-इंडियन फाइनल, जिसमें नितेश कुमार ने अपने ही हमवतन और विश्व चैंपियन प्रमोद भगत को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं तीरंदाजी में हरविंदर सिंह और विजय सुंडी की जोड़ी ने स्वर्ण दिलाया, जबकि नवीन शिवकुमार ने भी बैडमिंटन में सोने का तमगा हासिल किया।
ऑल-इंडियन फाइनल: नितेश बनाम प्रमोद
पुरुष एकल एसएल3 के फाइनल में दो भारतीय सितारे आमने-सामने थे — पेरिस पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता नितेश कुमार और विश्व चैंपियन प्रमोद भगत। दोनों के बीच मुकाबला बेहद कड़ा रहा, लेकिन नितेश ने बड़े मैच के दबाव में शानदार खेल दिखाते हुए 21-18, 21-16 से सीधे गेमों में जीत दर्ज की। इस जीत के साथ नितेश ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि प्रमोद भगत को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
नितेश के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने अपने ही देश के सबसे अनुभवी खिलाड़ी को हराया है। प्रमोद भगत पैरा बैडमिंटन के दिग्गज माने जाते हैं और कई अंतरराष्ट्रीय खिताब उनके नाम हैं। लेकिन नितेश ने पूरे मुकाबले में आक्रामक खेल दिखाया और दोनों गेमों में बढ़त बनाए रखी। फाइनल तक पहुंचने से पहले दोनों खिलाड़ियों ने सेमीफाइनल में अपने-अपने मुकाबले जीते थे, जिससे भारत के लिए इस वर्ग में स्वर्ण और रजत दोनों पदक पहले ही पक्के हो गए थे।
तीरंदाजी में हरविंदर-विजय का स्वर्ण
तीरंदाजी में भी भारत ने परचम लहराया। हरविंदर सिंह और विजय सुंडी की जोड़ी ने तीरंदाजी स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। दोनों की जोड़ी ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार निशानेबाजी का प्रदर्शन किया और फाइनल में भी अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाया।
वहीं महिला रिकर्व युगल स्पर्धा में भावना और पूजा जाट्यान ने रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। दोनों ने मिलकर भारतीय पैरा तीरंदाजी के लिए एक नया अध्याय लिखा। तीरंदाजी में भारत की पदक संभावनाएं पहले से ही मजबूत मानी जा रही थीं। मौजूदा चैंपियन शीतल देवी और पहली बार प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहीं स्वाति चौधरी ने अपनी व्यक्तिगत स्पर्धाओं के फाइनल में जगह बनाई थी, जिससे तीरंदाजी में और पदकों की उम्मीद बनी हुई है।
नवीन शिवकुमार और सुमति की उपलब्धि
पैरा बैडमिंटन में नवीन शिवकुमार ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष एकल एसएल-4 स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता। नवीन की इस जीत ने बैडमिंटन में भारत के दबदबे को और मजबूत किया। वहीं महिला एकल में सुमति सिवन नित्या श्री को रजत पदक मिला।
गौरतलब है कि बैडमिंटन में भारत की शुरुआत से ही मजबूत रही है। टूर्नामेंट के शुरुआती दिनों में नितेश कुमार और थुलासिमथी मुरुगेसन की जोड़ी ने मिक्स्ड डबल्स एसएल3-एसयू5 वर्ग में शानदार प्रदर्शन किया था। भारतीय जोड़ी ने ग्रुप चरण में चीन की जोड़ी को 21-4, 21-18 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। नितेश ने पुरुष एकल एसएल3 में दक्षिण कोरिया के जू डोंगजे को 21-13, 21-15 से हराया था, जबकि रुथिक रघुपति ने पुरुष एकल एसयू5 वर्ग में थाईलैंड के सोमसिरी प्रीचा को 21-12, 21-12 से मात दी थी।
पदक तालिका में भारत की स्थिति
खेलों के पांचवें दिन अभी तक भारत को एक स्वर्ण और तीन रजत पदक मिले हैं। इससे पहले भारत का प्रदर्शन टूर्नामेंट में लगातार शानदार रहा था। दो दिन पहले तक भारत 35 पदकों के साथ पदक तालिका में छठे स्थान पर था। एथलेटिक्स में भारत को सबसे ज्यादा सफलता मिली थी, जहां 20 पदक आए थे। इसके अलावा निशानेबाजी में पैरालंपिक कोटा हासिल करने, तैराकी में पदक जीतने और पावरलिफ्टिंग व टेबल टेनिस में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा साबित की है।
एशियाई पैरा खेलों में भारत का यह प्रदर्शन केवल पदकों की संख्या तक सीमित नहीं है। यह देश में पैरा खेलों के विकास, खिलाड़ियों की तैयारी और विभिन्न खेलों में उभरती प्रतिभाओं का भी संकेत देता है। बैडमिंटन और तीरंदाजी जैसे खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने जिस तरह का दबदबा दिखाया है, वह भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए शुभ संकेत है।
आगे की उम्मीदें और पैरा खेलों का बढ़ता कद
टूर्नामेंट अभी जारी है और भारत के खिलाड़ियों से और पदकों की उम्मीद है। तीरंदाजी की व्यक्तिगत स्पर्धाओं के फाइनल में भारतीय खिलाड़ी पहुंचे हुए हैं, जबकि बैडमिंटन और एथलेटिक्स में भी कई स्पर्धाएं बाकी हैं। भारतीय दल की नजर पदक तालिका में अपनी स्थिति को और मजबूत करने पर है।
एशियाई पैरा खेल हर चार साल में आयोजित होने वाला एशिया का सबसे बड़ा पैरा खेल आयोजन है। इसमें एशियाई देशों के हजारों पैरा खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। भारत ने पिछले कुछ संस्करणों में लगातार अपना प्रदर्शन सुधारा है और इस बार भी दल से पदकों की रिकॉर्ड संख्या की उम्मीद की जा रही है। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि भारतीय पैरा खिलाड़ी इस बार पदकों का नया रिकॉर्ड बनाएंगे और देश का नाम दुनिया में और ऊंचा करेंगे।
