Tuesday, 20 October 2026

घास काटने वाली मशीन से कटा था हाथ, आज देश के लिए जीता गोल्ड! कौन हैं पैरा एथलीट निषाद कुमार?

पैरा एथलीट निषाद कुमार की तस्वीर

कहते हैं कि हौसला हो तो कोई भी मुश्किल इंसान के कदम नहीं रोक सकती। भारत के पैरा एथलीट निषाद कुमार ने एक बार फिर यह बात सच साबित कर दी है। एशियन पैरा गेम्स 2026 में उन्होंने पुरुषों की लॉन्ग जंप T47 स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम पूरी दुनिया में रौशन किया है। उनकी यह जीत सिर्फ एक मेडल नहीं है, बल्कि लाखों युवाओं के लिए जीती-जागती प्रेरणा है।

7.11 मीटर की छलांग, भारत को दिलाया गोल्ड

जापान के आइची-नागोया में हो रहे एशियन पैरा गेम्स में निषाद कुमार ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 7.11 मीटर की बेहतरीन छलांग लगाकर पहला स्थान हासिल किया और गोल्ड मेडल अपने नाम किया। खास बात यह रही कि निषाद शुरू से ही मुकाबले में आगे चल रहे थे।

उनके पहले ही प्रयास में 6.95 मीटर की छलांग लग गई थी, जिससे साफ हो गया था कि वह इस स्पर्धा में मेडल के सबसे मजबूत दावेदार हैं। इसके बाद उन्होंने अपने प्रदर्शन को और बेहतर करते हुए 7.11 मीटर का आंकड़ा छुआ और सोने का तमगा पक्का कर लिया। मैदान में मौजूद भारतीय समर्थकों के लिए यह पल गर्व से भर देने वाला था।

बचपन में हुआ था दर्दनाक हादसा

निषाद कुमार की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। बचपन में जब वह महज छह साल के थे, तब घास काटने वाली मशीन से उनका हाथ कट गया था। इतनी छोटी उम्र में इतना बड़ा हादसा किसी को भी तोड़ सकता था, लेकिन निषाद ने हार मानने के बजाय हालात से लड़ना चुना।

उन्होंने खेल को अपना जुनून बनाया और दिन-रात मेहनत शुरू कर दी। परिवार और कोच के साथ ने उनका हौसला बढ़ाया। धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाने लगी और वह राष्ट्रीय स्तर से होते हुए अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों तक पहुंच गए। आज वह देश के शीर्ष पैरा एथलीटों में गिने जाते हैं।

टोक्यो पैरालिंपिक में भी जीता था मेडल

यह पहला मौका नहीं है, जब निषाद कुमार ने देश के लिए मेडल जीता हो। इससे पहले वह टोक्यो पैरालिंपिक 2020 में भी भारत के लिए पदक जीत चुके हैं। वहां उन्होंने हाई जंप T47 स्पर्धा में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था।

खास बात यह है कि निषाद दो अलग-अलग स्पर्धाओं — हाई जंप और लॉन्ग जंप — में देश के लिए मेडल जीत चुके हैं। यह उनकी प्रतिभा और कड़ी मेहनत को दिखाता है। एशियन पैरा गेम्स का यह गोल्ड उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि है।

युवाओं के लिए प्रेरणा है निषाद की कहानी

निषाद कुमार की सफलता उन सभी युवाओं के लिए संदेश है, जो छोटी-छोटी मुश्किलों से घबराकर अपने सपने छोड़ देते हैं। उन्होंने साबित किया है कि शरीर की कमी कभी भी सपनों की उड़ान को नहीं रोक सकती, अगर इरादे मजबूत हों।

उनकी इस जीत के बाद देशभर से उन्हें बधाइयां मिल रही हैं। खेल प्रेमियों का कहना है कि निषाद जैसे खिलाड़ी ही असली हीरो हैं, जो बिना शोर-शराबे के देश के लिए गौरव लेकर आते हैं। उम्मीद है कि आने वाले मुकाबलों में भी वह इसी तरह तिरंगा लहराते रहेंगे।

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राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं, देश-राज्य की राजनीति और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी खबरों पर लेखन। बिजनेस और स्पोर्ट्स की खबरें भी। ब्रेकिंग न्यूज की होड़ के बीच डिजिटल मीडिया में एआई जैसे नवाचार की नर्सरी का छात्र।