Sunday, 25 October 2026

पीवी सिंधु आज फ्रेंच ओपन फाइनल में विश्व नंबर एक आन से यंग से भिड़ेंगी, 10-0 का रिकॉर्ड तोड़ने की चुनौती

फ्रेंच ओपन फाइनल से पहले कोर्ट पर पीवी सिंधु

भारतीय बैडमिंटन की दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु आज पेरिस में अपने करियर के एक और बड़े मुकाबले के लिए कोर्ट पर उतरेंगी। फ्रेंच ओपन 2026 के महिला एकल फाइनल में उनका सामना विश्व की नंबर एक खिलाड़ी दक्षिण कोरिया की आन से यंग से होगा। यह मुकाबला भारतीय समय के अनुसार आज दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा। सिंधु ने शनिवार को सेमीफाइनल में जापान की हिना अकेही को तीन गेम में हराकर फाइनल में जगह बनाई है, और अब वह अपने पहले फ्रेंच ओपन खिताब की ओर एक जीत की दूरी पर हैं।

यह फाइनल सिर्फ एक खिताब का मुकाबला नहीं है, बल्कि सिंधु के लिए एक पुरानी चुनौती को तोड़ने का भी मौका है। आन से यंग के खिलाफ उनका रिकॉर्ड अब तक 10-0 है, यानी दस मुकाबलों में सिंधु एक भी बार जीत नहीं पाई हैं। ऐसे में आज का फाइनल उनके धैर्य, रणनीति और आत्मविश्वास की असली परीक्षा होगी। भारतीय प्रशंसकों की नजरें इस मुकाबले पर टिकी हैं, क्योंकि सिंधु इस टूर्नामेंट में भारत की आखिरी बची हुई खिलाड़ी हैं।

सेमीफाइनल: हारते-हारते जीता रोमांचक मुकाबला

सिंधु का सेमीफाइनल मुकाबला 73 मिनट तक चला और तीन गेम में समाप्त हुआ। उन्होंने पहला गेम 21-10 से आसानी से जीता, लेकिन दूसरे गेम में जापान की हिना अकेही ने वापसी की और 20-22 से गेम अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम के आखिरी हिस्से में अकेही ने बढ़त बनाए रखी, हालांकि सिंधु ने 16-16 पर बराबरी भी की थी। इसके बाद मुकाबला निर्णायक तीसरे गेम में पहुंच गया।

तीसरे गेम में भी मुकाबला काफी करीबी रहा। कई बार स्कोर बराबर हुआ, और एक समय अकेही ने 14-14 के बाद 16-15 की बढ़त भी ले ली थी। ऐसा लग रहा था कि मुकाबला जापानी खिलाड़ी के पक्ष में जा सकता है, लेकिन सिंधु ने यहां अपना अनुभव दिखाया। उन्होंने लगातार छह अंक जीते और निर्णायक गेम 21-16 से अपने नाम कर लिया। इस तरह उन्होंने 21-10, 20-22, 21-16 से जीत दर्ज की और फाइनल में प्रवेश किया।

यह जीत सिंधु के लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि यह इस सीजन का उनका दूसरा बीडब्ल्यूएफ सुपर 750 फाइनल है। इससे पहले जुलाई में उन्होंने जापान ओपन का खिताब जीता था। फ्रेंच ओपन में वह पहली बार फाइनल में पहुंची हैं, जो उनके करियर की एक और उपलब्धि है। सेमीफाइनल से पहले उन्होंने क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे की चिउ पिन-चियान को सीधे गेम में 21-13, 21-14 से हराया था।

फाइनल में सामने हैं अपराजेय आन से यंग

फाइनल में सिंधु के सामने विश्व की नंबर एक खिलाड़ी आन से यंग होंगी, जो मौजूदा ओलंपिक और विश्व चैंपियन हैं। आन से यंग ने सेमीफाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा को हराकर फाइनल में जगह बनाई है। इस टूर्नामेंट में उन्होंने अब तक एक भी गेम नहीं गंवाया है, जो उनकी मौजूदा फॉर्म की ताकत को दिखाता है। वह फ्रेंच ओपन में लगातार तीसरा खिताब जीतने की कोशिश में हैं।

दोनों खिलाड़ियों के बीच अब तक 11वां मुकाबला होगा। इससे पहले दस मुकाबलों में आन से यंग ने ही जीत दर्ज की है। इतना ही नहीं, उन दस मुकाबलों में सिंधु सिर्फ एक बार ही एक गेम जीत पाई हैं, वह भी 2023 की बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में, जहां उन्होंने पहला गेम जीता था लेकिन फिर मुकाबला गंवा दिया था। दोनों के बीच एकमात्र फाइनल मुकाबला 2021 के बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल्स में हुआ था, जहां तब 19 साल की आन से यंग ने 21-16, 21-12 से जीत हासिल की थी।

इस साल भी दोनों दो बार आमने-सामने आ चुकी हैं। मई में सिंगापुर ओपन के क्वार्टर फाइनल में आन से यंग ने 21-17, 21-14 से जीत दर्ज की थी, और एक सप्ताह बाद इंडोनेशिया ओपन के दूसरे दौर में 21-17, 21-15 से हराया था। दोनों मुकाबले सीधे गेम में समाप्त हुए थे। यही वजह है कि आज का फाइनल सिंधु के लिए मानसिक और तकनीकी दोनों रूप से बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

सिंधु का भरोसा: हर अंक मायने रखता है

फाइनल से पहले सिंधु ने जिस अंदाज में बात की है, उससे उनका आत्मविश्वास साफ दिखता है। उन्होंने कहा है कि उन्हें आन से यंग को कड़ी टक्कर देनी होगी, हर अंक के लिए लड़ना होगा। सिंधु ने स्वीकार किया कि उनकी प्रतिद्वंद्वी बेहतरीन फॉर्म में हैं और अब तक उनसे आगे रही हैं, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि कल एक नया दिन है और हर दिन एक नई शुरुआत होती है।

सिंधु का यह नजरिया उनके अनुभव को दर्शाता है। बड़े मुकाबलों में अक्सर पिछला रिकॉर्ड भारी पड़ता है, लेकिन सिंधु ने इसे अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया है। उन्होंने कहा है कि वह कोर्ट पर अपना सर्वश्रेष्ठ देंगी और बाकी फैसला उस दिन के खेल पर निर्भर करेगा। यही सोच उन्हें सेमीफाइनल के कठिन क्षणों से भी बाहर निकालकर लाई थी, जहां उन्होंने पिछड़ने के बाद लगातार अंक जीते थे।

तकनीकी रूप से सिंधु को आज अपने आक्रामक खेल और लंबी रैलियों में धैर्य का संतुलन बनाना होगा। आन से यंग की सबसे बड़ी ताकत उनकी कोर्ट कवरेज और गलतियों से बचने की क्षमता है। इसलिए सिंधु को न सिर्फ स्मैश और आक्रमण पर भरोसा करना होगा, बल्कि लंबे समय तक रैली में टिके रहकर मौके का इंतजार भी करना होगा। पहले गेम में जल्दी बढ़त बनाना उनके लिए मनोवैज्ञानिक रूप से भी अहम होगा।

फाइनल कब, कहां और कैसे देखें

फ्रेंच ओपन 2026 का महिला एकल फाइनल आज, रविवार 25 अक्टूबर को भारतीय समय के अनुसार दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा। भारत में इस टूर्नामेंट का कोई टीवी प्रसारण नहीं है, लेकिन प्रशंसक इस फाइनल को फैनकोड पर लाइव स्ट्रीम के माध्यम से देख सकते हैं। यह जानकारी उन दर्शकों के लिए अहम है, जो टीवी पर मुकाबला खोजने की कोशिश कर सकते हैं।

निष्कर्ष

आज दोपहर 3:30 बजे शुरू होने वाले इस फाइनल पर पूरे देश की नजर रहेगी। अगर सिंधु आन से यंग के खिलाफ अपनी पहली जीत दर्ज करती हैं, तो यह उनका पहला फ्रेंच ओपन खिताब और करियर की सबसे यादगार जीतों में से एक होगी।

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राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं, देश-राज्य की राजनीति और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी खबरों पर लेखन। बिजनेस और स्पोर्ट्स की खबरें भी। ब्रेकिंग न्यूज की होड़ के बीच डिजिटल मीडिया में एआई जैसे नवाचार की नर्सरी का छात्र।