क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में शनिवार को खेला गया दूसरा टी20 मुकाबला भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए लंबे समय तक याद रहने वाला बन गया। एक समय ऐसा लग रहा था कि भारत यह मैच गंवा देगा, लेकिन तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी की नाबाद साझेदारी ने हारा हुआ मैच भारत की झोली में डाल दिया। भारत ने न्यूजीलैंड के 180 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 19.5 ओवर में 6 विकेट पर 181 रन बनाकर 4 विकेट से जीत दर्ज की। इस जीत की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि भारत ने यह मुकाबला अपने शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के विफल होने के बावजूद जीता। जब टीम 70 रन पर 5 विकेट गंवा चुकी थी, तब जीत की उम्मीद धुंधली पड़ गई थी। लेकिन निचले मध्य क्रम ने जिस संयम और आक्रामकता का प्रदर्शन किया, वह भारतीय टीम की बढ़ती गहराई का प्रमाण है। तिलक वर्मा को उनकी नाबाद 51 रन की पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
न्यूजीलैंड की पारी: खराब शुरुआत, फिर फिलिप्स-जेकब्स का पलटवार
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत खराब रही। पारी के दूसरे ही ओवर में टिम साइफर्ट 7 रन बनाकर आउट हो गए। नंबर तीन पर आए डेरिल मिचेल भी ज्यादा देर नहीं टिके और 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। भुवनेश्वर कुमार ने मिचेल का विकेट लिया, जो चार साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी वापसी के बाद पहला शिकार था। इसके बाद फिन एलन भी छठे ओवर में 16 रन बनाकर आउट हो गए। पावरप्ले में न्यूजीलैंड ने 43 रन पर 3 विकेट गंवा दिए थे।
यहां से ग्लेन फिलिप्स और बेवॉन जेकब्स ने पारी को संभाला। दोनों ने पहले स्कोर को 100 और फिर 150 के पार पहुंचाया। फिलिप्स ने लगातार दूसरे मैच में अर्धशतक लगाया और 43 गेंदों पर 70 रन बनाए। उनकी पारी में चार चौके और चार छक्के शामिल थे। जेकब्स ने भी अर्धशतक पूरा किया और 58 रन बनाए। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 116 रन की साझेदारी हुई, जिसने न्यूजीलैंड को मुश्किल से निकालकर मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
भारत की खराब शुरुआत: 70 पर 5 विकेट
अभिषेक शर्मा भी अपने स्वाभाविक आक्रामक अंदाज से अलग दिखे और 27 गेंदों पर 21 रन ही बना सके। कप्तान श्रेयस अय्यर 7 रन और अक्षर पटेल 11 रन बनाकर आउट हो गए। इस तरह भारत ने 11वें ओवर में 70 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे। न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने इस दौरान शानदार गेंदबाजी की और 4 विकेट लिए, जिसमें 21 रन देकर 4 विकेट का स्पेल शामिल था। ऐसा लग रहा था कि न्यूजीलैंड इस मैच को आसानी से जीत लेगा।
नमन धीर ने जगाई उम्मीद, तिलक-नीतीश ने पलटा मैच
70 रन पर 5 विकेट गिरने के बाद नमन धीर ने तेजी से रन बनाकर जरूरी रन रेट को कुछ कम किया। उन्होंने सिर्फ 17 गेंदों पर 31 रन बनाए, जिसमें आक्रामक शॉट्स शामिल थे। नमन की पारी ने तिलक वर्मा को भी समय दिया और दबाव को कुछ हद तक कम किया। नमन के आउट होने के बाद स्कोर 112 रन पर 6 विकेट हो गया था, लेकिन तब तक मैच में वापसी की एक छोटी सी खिड़की खुल चुकी थी।
यहां से तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों ने सातवें विकेट के लिए नाबाद 69 रन की साझेदारी की, जो सिर्फ 30 गेंदों में बनी। तिलक ने 26 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और 1 छक्का शामिल था। उन्होंने अपना अर्धशतक 25 गेंदों में पूरा किया। नीतीश ने सिर्फ 13 गेंदों पर नाबाद 26 रन बनाए और अंत तक तिलक का साथ दिया।
आखिरी ओवरों में दोनों ने न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों को निशाना बनाया। अंतिम ओवर में भारत को जीत के लिए 11 रन चाहिए थे। तिलक ने जैकब डफी की गेंदों पर आक्रामक बल्लेबाजी की और चौके लगाकर समीकरण आसान किया। डफी की एक वाइड के बाद भारत को दो गेंदों में दो रन की जरूरत थी, और नीतीश ने पांचवीं गेंद पर दो रन लेकर भारत को जीत दिला दी। भारत ने 19.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया, यानी एक गेंद बाकी रहते जीत मिली।
तिलक वर्मा: दबाव में निखरता सितारा
तिलक वर्मा की यह पारी इसलिए भी खास है, क्योंकि यह दबाव में खेली गई थी। जब टीम 70 पर 5 विकेट गंवा चुकी थी, तब किसी भी बल्लेबाज के लिए संयम बनाए रखना आसान नहीं होता। लेकिन तिलक ने पहले नमन धीर के साथ 42 रन की साझेदारी की, फिर नीतीश के साथ 69 रन की नाबाद साझेदारी करके टीम को जीत तक पहुंचाया। उनकी पारी में आक्रामकता और समझदारी का संतुलन साफ दिखा।
तिलक की यह पारी भारतीय टीम के लिए एक और संदेश भी देती है — यह टीम अब सिर्फ शीर्ष क्रम पर निर्भर नहीं है। निचले मध्य क्रम में भी ऐसे खिलाड़ी हैं, जो मुश्किल परिस्थितियों में मैच पलट सकते हैं। यह गहराई आगामी बड़े टूर्नामेंटों के लिहाज से भारत के लिए सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।
सीरीज की स्थिति और आगे की राह
इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। पहला टी20 भी भारत ने जीता था, और अब दूसरे मैच की इस रोमांचक जीत ने टीम का मनोबल और बढ़ा दिया है। न्यूजीलैंड के लिए यह हार निराशाजनक रही, क्योंकि उन्होंने एक समय मैच पर पूरी पकड़ बना ली थी। सैंटनर की 4 विकेट की गेंदबाजी और फिलिप्स-जेकब्स की शतकीय साझेदारी के बावजूद वह जीत नहीं पाए।
फिलहाल भारतीय टीम के लिए यह जीत जश्न मनाने का मौका है। क्राइस्टचर्च में जिस तरह तिलक वर्मा और नीतीश रेड्डी ने हारा हुआ मैच छीना, वह इस सीरीज की अब तक की सबसे यादगार कहानी है। तीसरे टी20 में भारत सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगा, जबकि न्यूजीलैंड वापसी की कोशिश करेगा। प्रशंसकों को एक और रोमांचक मुकाबले की उम्मीद है।
