मशहूर गायक दलेर मेहंदी और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच छिड़ा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। टिहरी के कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी के शो को लेकर मंत्री की टिप्पणी के बाद गायक मीका सिंह अपने भाई के समर्थन में उतरे हैं। मीका ने साफ कहा है कि वह मंत्री सुबोध उनियाल को कभी माफ नहीं करेंगे, जब तक वह दलेर मेहंदी से माफी नहीं मांग लेते। साथ ही मीका ने यह भी घोषणा की है कि अगर मंत्री माफी मांगते हैं, तो वह उत्तराखंड आकर मुफ्त में शो करने के लिए तैयार हैं।
कुंजापुरी मेले में शो के दौरान शुरू हुआ विवाद
यह विवाद टिहरी के कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान शुरू हुआ था। नवरात्रि के दौरान आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में दलेर मेहंदी ने करीब डेढ़ घंटे तक प्रस्तुति दी। मीका सिंह के मुताबिक, तबीयत खराब होने के बावजूद दलेर ने अपनी परफॉर्मेंस पूरी की और दर्शकों ने उनके साथ डांस भी किया।
लेकिन इसके बाद कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने आरोप लगाया कि गायक नशे की हालत में थे और ठीक से बोल नहीं पा रहे थे। मंत्री की इस टिप्पणी के बाद मामला तूल पकड़ता चला गया और मनोरंजन जगत के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी यह चर्चा का विषय बन गया।
मीका सिंह का तीखा जवाब: ‘मैं कभी माफ नहीं करूंगा’
मंत्री के आरोपों पर मीका सिंह बेहद नाराज हो गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट साझा कर अपने भाई का बचाव किया। मीका ने कहा, “मंत्री जी की वजह से दलेर जी की छवि को नुकसान पहुंचा है, जिसके लिए मैं उन्हें कभी माफ नहीं करूंगा। दलेर जी ने तबीयत खराब होने के बावजूद डेढ़ घंटे परफॉर्म किया।”
मीका ने यह भी बताया कि जब उन्होंने इस मामले में दलेर मेहंदी को फोन किया, तो दलेर उनसे बात करते हुए एक बच्चे की तरह रोने लगे। मीका के मुताबिक, उनके भाई को इस तरह अपमानित किया गया, यह बात उन्हें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं हुई।
सीएम धामी ने खुद किया फोन, मामला सुलझने की ओर
इस विवाद के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 22 अक्टूबर को मीका सिंह से व्यक्तिगत रूप से फोन पर बातचीत की। मीका ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वह धामी को अच्छी तरह जानते हैं और उनके प्रति बहुत सम्मान रखते हैं। मीका ने उन्हें विनम्र और जमीन से जुड़ा व्यक्ति बताया।
मुख्यमंत्री धामी ने अपनी पोस्ट में कहा कि श्री मीका सिंह जी से दूरभाष पर बातचीत हुई और उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की गलतफहमी को आपसी संवाद और सौहार्द से दूर किया जाना चाहिए। धामी ने स्पष्ट किया कि देवभूमि उत्तराखंड में सभी कलाकारों का सदैव हृदय से स्वागत और सम्मान है। मीका के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने मंत्री की तरफ से माफी भी मांगी।
बीजेपी नेता की चुनौती और मीका का जवाब
इस विवाद में बीजेपी के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी विनय गोयल ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान मां कुंजापुरी के धार्मिक आयोजन में ऐसे दृश्य श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करते हैं। गोयल ने दलेर मेहंदी से माफी की मांग की और मीका सिंह को चुनौती दी कि अगर उनके मन में भाई के लिए श्रद्धा है, तो वह उत्तराखंड आएं और मुफ्त में शो करें।
मीका सिंह ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जवाब दिया कि वह उत्तराखंड आकर फ्री में शो करने के लिए तैयार हैं, लेकिन पहले मंत्री सुबोध उनियाल को दलेर मेहंदी से माफी मांगनी होगी। मीका ने विनय गोयल से कार्यक्रम का वीडियो देखने की अपील भी की।
मीका का सीधा सवाल: क्या नियम सबके लिए बराबर नहीं?
मीका सिंह ने अपने बयान में एक बड़ा सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “सर, मैं आपको वीडियो भेजता हूं। आप खुद देखिए कि वहां क्या हुआ था। अगर वीडियो में आपके मंत्री जी शराब पीकर आए हुए दिखाई देते हैं, तो फिर आप उनके खिलाफ क्या कार्रवाई करेंगे?”
मीका ने कहा कि नियम और जवाबदेही सभी के लिए समान होनी चाहिए। उनके मुताबिक, एक घंटे 30 मिनट तक परफॉर्म करने के बाद गायक पर शराब पीकर कार्यक्रम करने का आरोप लगाना गलत है।
- विवाद की शुरुआत: टिहरी के कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी के शो के बाद
- मंत्री का आरोप: सुबोध उनियाल ने कहा — गायक नशे की हालत में थे
- मीका की मांग: मंत्री वीडियो जारी कर माफी मांगें और स्पष्टीकरण दें
- मीका का प्रस्ताव: माफी के बाद उत्तराखंड में मुफ्त शो के लिए तैयार
- सीएम धामी: मीका से फोन पर बातचीत, गलतफहमी संवाद से दूर करने की बात
- विनय गोयल की चुनौती: दलेर को माफी मांगनी चाहिए, मीका को फ्री शो करना चाहिए
क्या माफी मांगेंगे सुबोध उनियाल?
अब सवाल यह है कि क्या सुबोध उनियाल माफी मांगेंगे या नहीं। खबरों के मुताबिक, मंत्री ने इस मामले में अपने स्टैंड पर कायम रहते हुए कहा है कि दलेर मेहंदी ने कौन सा नशा किया था, इसकी जांच के लिए मेडिकल करवाना चाहिए।
इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री धामी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शायद सुबोध उनियाल ने जनता के दबाव में ऐसा कहा। धामी ने स्पष्ट किया कि उनकी मंशा दलेर मेहंदी को अपमानित करने की नहीं थी और यह विवाद जल्द ही समाप्त होगा।
कलाकारों की गरिमा का सवाल
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर से कलाकारों की गरिमा और दर्शकों की भावनाओं के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता को उजागर किया है। मीका सिंह का यह बयान न केवल दलेर मेहंदी के समर्थन में है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण सवाल भी उठाता है कि क्या कलाकारों को उनके काम के लिए उचित सम्मान मिल रहा है।
मीका ने सीएम धामी से अपील की है कि वह मंत्री सुबोध उनियाल से एक वीडियो जारी करवाएं, जिसमें मंत्री अपनी टिप्पणी पर स्पष्टीकरण दें और गायक से माफी मांगें। मीका ने कहा कि कई बार गलतफहमियां हो जाती हैं, लेकिन उन्हें सम्मानजनक तरीके से दूर किया जा सकता है।
आगे क्या होगा?
अब देखना यह है कि इस विवाद का समाधान कैसे निकलता है। क्या सुबोध उनियाल माफी मांगेंगे, या मीका सिंह का फ्री शो उत्तराखंड में होगा? फिलहाल मुख्यमंत्री धामी की बातचीत के बाद यह विवाद सुलझता दिख रहा है। मीका ने उम्मीद जताई है कि इस दिशा में उठाया गया छोटा-सा कदम विवाद को खत्म करने में मदद करेगा और दलेर मेहंदी के सम्मान एवं प्रतिष्ठा का ध्यान रखा जाएगा।
