जैसे ही मौसम में ठंडक बढ़ती है, बहुत से लोगों को हाथ-पैरों में खिंचाव, चेहरे पर पपड़ी और होंठों पर दरारें दिखने लगती हैं। लोग इसे मौसम का हिस्सा मानकर टालते रहते हैं, पर थोड़ी सही देखभाल से यह परेशानी काफी हद तक काबू में रहती है। सर्दियों की त्वचा समस्याओं के कारण समझकर और रोज की छोटी आदतें बदलकर पूरे मौसम में नरम, स्वस्थ त्वचा पाई जा सकती है।
सर्दियों में त्वचा रूखी क्यों होती है
त्वचा की ऊपरी परत में एक प्राकृतिक नमी रोकने वाली परत होती है, जो उसे नरम और लचीला बनाए रखती है। सर्दियों में कई कारण मिलकर इस परत को कमजोर कर देते हैं। सबसे बड़ा कारण है हवा में नमी की कमी। ठंडी और सूखी हवा त्वचा से पानी खींच लेती है, जिससे त्वचा का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ जाता है। यही वजह है कि धूप-छांव वाले दिनों में भी चेहरा बेजान नजर आता है।
बहुत गर्म पानी से नहाना त्वचा का प्राकृतिक तेल हटा देता है, और तेज खुशबू वाले साबुन व फेसवॉश रूखापन बढ़ाते हैं। घरों के हीटर और ब्लोअर कमरे की हवा को और सूखा बना देते हैं। सर्दी में प्यास कम लगने से लोग पानी भी कम पीते हैं, जबकि शरीर के लिए पर्याप्त पानी जरूरी है। बुजुर्गों और पहले से सूखी या संवेदनशील त्वचा वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
रूखी त्वचा की घरेलू देखभाल: 9 आसान उपाय
रूखी त्वचा से राहत के लिए महंगे उत्पादों की जरूरत नहीं; रोज की आदतों में छोटे बदलाव ही काफी हैं। पहला बदलाव नहाने के तरीके में करें। गुनगुने पानी से कम समय में नहाएं; आमतौर पर पांच से दस मिनट काफी हैं। बहुत गर्म पानी से बचें और हल्का, बिना खुशबू वाला साबुन या बॉडी वॉश चुनें। तेज खुशबू और ज्यादा झाग वाले साबुन त्वचा की नमी छीन लेते हैं।
दूसरा अहम नियम है नहाने के तुरंत बाद मॉइस्चराइज़र लगाना। तौलिये से हल्का थपथपाकर पोंछें और त्वचा के हल्का नम रहते ही क्रीम लगा लें। इससे नमी त्वचा में बंद हो जाती है। ज्यादा रूखी त्वचा के लिए लोशन की जगह गाढ़ी क्रीम या मलहम बेहतर रहता है, क्योंकि ये नमी को लंबे समय तक रोके रखते हैं।
तीसरा, ग्लिसरीन, सेरामाइड, हायलूरोनिक एसिड, शिया बटर या पेट्रोलियम जेली वाली क्रीम चुनें; तेज खुशबू या अल्कोहल वाले उत्पादों से बचें।
चौथा नियम है दिन में कई बार मॉइस्चराइज़र लगाना। खासकर हाथ धोने के बाद और रात को सोने से पहले। हाथ-पैरों और कोहनी-घुटनों पर अधिक ध्यान दें, क्योंकि ये हिस्से सबसे जल्दी रूखे होते हैं। पांचवां, धूप से सुरक्षा न भूलें। सर्दी की धूप भले ही हल्की लगे, पर वह भी त्वचा पर असर डालती है। बाहर निकलते समय सनस्क्रीन लगाना अच्छा रहता है।
छठा, हीटर चलाने पर ह्यूमिडिफायर से कमरे की नमी बनाए रखें (उसे साफ रखना न भूलें)। सातवां, ऊनी कपड़ों के अंदर सूती कपड़ा पहनें, ताकि खुजली न हो।
आठवां, खुजली पर नाखून से रगड़ने की जगह मॉइस्चराइज़र लगाएं। नौवां, हरी सब्जियां, फल, मेवे और बीज वाला संतुलित आहार लें — कुल पोषण त्वचा के लिए सहायक होता है।
फटे होंठ: क्यों होते हैं और क्या करें
होंठों की त्वचा बहुत पतली होती है और उसमें तेल ग्रंथियां नहीं होतीं, इसलिए वे चेहरे के बाकी हिस्सों से पहले सूखते हैं। सबसे आम गलती है बार-बार जीभ फेरना। लार जल्दी सूखती है और होंठों को और रूखा कर देती है, इसलिए इस आदत को छोड़ना जरूरी है। इसी तरह होंठों की सूखी परत या पपड़ी न खींचें; इसे उखाड़ने से खून आ सकता है और घाव बन सकता है।
पेट्रोलियम जेली, शिया बटर, मोम या सेरामाइड वाला सादा लिप बाम चुनें; ज्यादा मेंथॉल, कपूर या खुशबू वाले बाम जलन बढ़ा सकते हैं। धूप में SPF वाला बाम लगाएं और रात को सोने से पहले बाम की मोटी परत लगाएं। ठंड में नाक बंद होने पर मुंह से सांस लेने से होंठ ज्यादा सूखते हैं — नाक अक्सर बंद रहे तो डॉक्टर से मिलें। देसी घी या नारियल तेल भी कुछ लोगों को आराम देता है, पर एलर्जी हो तो न लगाएं।
क्या न करें: इन गलतियों से बचें
तेज स्क्रब या बार-बार एक्सफोलिएशन न करें, नींबू-अल्कोहल जैसे तेज नुस्खे फटी त्वचा पर न लगाएं, बहुत देर गर्म पानी में हाथ-पैर न रखें और बिना डॉक्टर की सलाह स्टेरॉयड क्रीम लंबे समय तक न इस्तेमाल करें।
डॉक्टर को कब दिखाएं: इन संकेतों को न टालें
दो-तीन सप्ताह की नियमित देखभाल के बाद भी राहत न मिले, त्वचा में गहरी दरारें हों, खून निकले या बहुत दर्द हो, तो डॉक्टर से मिलें। लालिमा, सूजन, गर्माहट, मवाद या बुखार जैसे संक्रमण के संकेत, तेज खुजली से खराब नींद, या गोल-पपड़ीदार चकत्ते एक्जिमा, फंगल संक्रमण या सोरायसिस के संकेत हो सकते हैं। होंठों के कोने फटें, सफेद-लाल परत दिखे या घाव हफ्तों में ठीक न हो, तो भी जांच कराएं। नए उत्पाद से सूजन या जलन हो तो उसे तुरंत बंद कर दें। मधुमेह या थायरॉयड में घाव धीरे भरते हैं — त्वचा अचानक बहुत रूखी हो तो जांच जरूरी है।
सर्दियों की रोज की सरल दिनचर्या
रोज की सरल दिनचर्या अपनाएं: गुनगुने पानी से स्नान के तुरंत बाद मॉइस्चराइज़र, बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन और लिप बाम, हाथ धोने के बाद क्रीम और रात को सोने से पहले हाथ-पैर व होंठों पर मलहम। त्वचा की देखभाल एक दिन का काम नहीं, रोज की आदत है — थोड़े ध्यान से सर्दियों में भी खिली-खिली त्वचा पाई जा सकती है।
