सऊदी अरब में बुधवार रात एक बड़ा हमला हुआ है। पूर्वी प्रांत के दम्माम शहर स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए इस हमले में एक भारतीय नागरिक समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हो गए। घायलों में दो भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने गुरुवार को इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि वह प्रभावित परिवारों के संपर्क में है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब सऊदी अरब के हवाई अड्डों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
बुधवार रात क्या हुआ
सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (जीएसीए) के मुताबिक बुधवार शाम किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला हुआ। इस हमले में मारे गए लोगों में एक सऊदी नागरिक और एक भारतीय नागरिक शामिल हैं। घायल हुए आठ लोगों में सऊदी, भारतीय, यमनी, बांग्लादेशी और नेपाली मूल के लोग शामिल हैं, जिनकी चोटें मामूली से लेकर गंभीर तक बताई गई हैं। सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है।
हमले में हवाई अड्डे को भी नुकसान पहुंचा है। सुरक्षा स्थिति को देखते हुए दम्माम एयरपोर्ट की ओर आ रही कुछ उड़ानों का मार्ग बदले जाने की सूचना है। दुनिया भर की उड़ानों पर नजर रखने वाली वेबसाइट फ्लाइटरडार24 ने बताया कि हमले के बाद विमानों के मार्ग बदले जा रहे हैं। हालांकि, सऊदी प्राधिकरण ने बाद में पुष्टि की कि एयरपोर्ट का संचालन फिर से शुरू हो गया है और हवाई यातायात सामान्य हो गया है।
भारतीय दूतावास ने क्या कहा
सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा, "सऊदी अधिकारियों ने हमें सूचित किया है कि कल रात दम्माम एयरपोर्ट पर हुए हमले में दुर्भाग्य से जान गंवाने वाले दो लोगों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल है और दो भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। हम आगे की जानकारी जुटा रहे हैं और प्रभावित परिवारों से संपर्क कर रहे हैं।"
दूतावास ने मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। दूतावास प्रभावित परिवारों के संपर्क में है और घटना से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी जुटा रहा है। साथ ही घायलों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
शायबाह तेल क्षेत्र पर भी ड्रोन हमला
दम्माम की घटना से एक दिन पहले सऊदी अरब के शायबाह ऑयलफील्ड को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया गया था, जिसमें एक भारतीय नागरिक घायल हुआ था। भारतीय मिशन ने कहा था कि वह सऊदी अधिकारियों के संपर्क में है और घायल नागरिक को हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
लगातार सामने आ रही घटनाओं ने सऊदी अरब में काम करने और रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सऊदी अरब में लाखों भारतीय काम करते हैं, इसलिए इन हमलों का असर सीधे भारतीय समुदाय पर पड़ रहा है।
कौन है हमले के पीछे
सऊदी अधिकारियों ने अब तक हमले के लिए जिम्मेदार पक्ष की आधिकारिक पहचान सार्वजनिक नहीं की है। हालांकि, यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ लंबे समय से अभियान चला रखा है। हूती विद्रोही सऊदी अरब के हवाई अड्डों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते रहे हैं।
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने दावा किया है कि उसने देश के पूर्वी क्षेत्र में चार ड्रोन हमलों को नाकाम किया है। लेकिन इसके बावजूद हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
अमेरिका ने अपने राजनयिकों को देश छोड़ने को कहा
बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपने कुछ राजनयिकों और सरकारी कर्मचारियों के परिवारों को सऊदी अरब छोड़ने का निर्देश दिया है। यह फैसला क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। अमेरिकी विदेश विभाग का यह कदम ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है।
क्षेत्रीय तनाव और कच्चे तेल पर असर
सऊदी अरब के हवाई अड्डों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमलों की घटनाओं के बीच क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है। इन हमलों का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ रहा है, जो 112 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं। इससे भारत जैसे तेल आयातक देशों की अर्थव्यवस्था पर भी दबाव बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हमलों का यह सिलसिला जारी रहा तो पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है। सऊदी अरब में रहने वाले भारतीयों के लिए भारतीय दूतावास ने सतर्कता बरतने की अपील की है। दूतावास ने कहा है कि वह सऊदी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और किसी भी भारतीय नागरिक को जरूरत पड़ने पर हरसंभव सहायता दी जाएगी।
सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने कहा है कि वह संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर नुकसान का आकलन कर रहा है और यात्रियों व एयरपोर्ट कर्मियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सऊदी अरब इन हमलों का क्या जवाब देता है और क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए कौन से कदम उठाए जाते हैं।
