Wednesday, 21 October 2026

टेंबा बावुमा का करियर-बेस्ट 179: नौ घंटे की मैराथन पारी से ऑस्ट्रेलिया बैकफुट पर, साउथ अफ्रीका की सीरीज में वापसी की उम्मीद

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक जड़ने के बाद टेंबा बावुमा

साउथ अफ्रीका के कप्तान टेंबा बावुमा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐसी पारी खेली है, जो लंबे समय तक याद रखी जाएगी। गकेबरहा के सेंट जॉर्ज पार्क में खेले जा रहे तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के दूसरे मुकाबले के तीसरे दिन बावुमा ने 179 रनों की करियर-बेस्ट पारी खेली और टीम को मुश्किल हालात से निकालकर मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

मंगलवार (20 अक्टूबर) को जब बावुमा ने अपना शतक पूरा किया, तो दक्षिण अफ्रीकी खेमे में जश्न का माहौल था। बारिश से प्रभावित इस टेस्ट मैच में कप्तान ने जिस धैर्य और हुनर का प्रदर्शन किया, उसकी तारीफ हर तरफ हो रही है। साउथ अफ्रीका क्रिकेट बोर्ड ने भी सोशल मीडिया पर उनकी पारी को सलाम किया है।

मुश्किल हालात में आई कप्तानी पारी

बावुमा जब बल्लेबाजी के लिए उतरे थे, तब टीम की हालत नाजुक थी। बारिश से प्रभावित पहले दिन महज एक घंटे का खेल हो सका था और मेजबान टीम ने 12 रन पर दो विकेट गंवा दिए थे। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक स्कोर 97 रन पर पांच विकेट था। तीसरे दिन सुबह के सत्र में जब स्कोर 110 रन पर छह विकेट हो गया, तब लगा कि दक्षिण अफ्रीकी पारी जल्दी सिमट जाएगी।

लेकिन बावुमा ने हार नहीं मानी। उन्होंने 334 गेंदों का सामना करते हुए 179 रन बनाए। उनकी पारी में 18 चौके और एक छक्का शामिल रहा। तीसरे दिन धूप निकलने के बाद पिच बल्लेबाजी के लिए थोड़ी आसान हुई थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज लगातार दबाव बनाए हुए थे। बावुमा ने खुद मैच के बाद कहा कि गेंदबाजों की गुणवत्ता को देखते हुए परिस्थितियां उतनी आसान नहीं थीं, जितनी बाहर से लग रही थीं।

यानसन के साथ 132 रनों की अहम साझेदारी

बावुमा को दूसरे छोर से मार्को यानसन का भरपूर साथ मिला। आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे इस तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर ने 100 गेंदों में 85 रन ठोक दिए। उनकी पारी में नौ चौके और तीन छक्के शामिल रहे। दोनों बल्लेबाजों ने सातवें विकेट के लिए 185 गेंदों पर 132 रनों की साझेदारी निभाई, जिसने मैच का रुख ही बदल दिया।

यानसन शतक से चूक गए, लेकिन उनकी पारी ने टीम को 400 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। निचले क्रम के बल्लेबाजों के इस योगदान की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने 127.1 ओवर में नौ विकेट पर 425 रन बनाकर पहली पारी घोषित कर दी। ऑस्ट्रेलिया की ओर से स्कॉट बोलैंड सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने पांच विकेट चटकाए।

करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी, स्टेन ने कहा — ‘नया लिटिल मास्टर’

बावुमा की यह पारी उनके टेस्ट करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी है। यह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका पहला टेस्ट शतक भी है — इससे पहले 2018 में जोहान्सबर्ग में वह 95 रन पर नाबाद रह गए थे। कप्तान ने 334 गेंदों का सामना किया, 18 चौके और एक छक्का लगाया और नौ घंटे से ज्यादा समय तक क्रीज पर डटे रहे। यह संघर्ष तब और खास हो जाता है, जब याद करें कि वह तीन दिनों तक बल्लेबाजी करते रहे, जिनमें से पहले दो दिन बारिश से प्रभावित रहे थे।

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने इस पारी के बाद बावुमा को ‘नया लिटिल मास्टर’ का खिताब दिया। स्टेन ने कहा कि बावुमा ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को पूरी तरह थका दिया। सांख्यिकीविदों के मुताबिक पिछले साढ़े तीन साल में टेस्ट क्रिकेट में बावुमा से बेहतर औसत सिर्फ वियान मुल्डर का रहा है।

इस पारी की एक और खासियत रही रिकॉर्ड साझेदारियां। बावुमा और मार्को यानसन के बीच सातवें विकेट के लिए 132 रनों की साझेदारी हुई, जबकि साइमन हार्मर (82) के साथ आठवें विकेट के लिए उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की ओर से रिकॉर्ड 183 रनों की साझेदारी निभाई। दक्षिण अफ्रीकी टीम के इतिहास में यह पहला मौका है, जब छठे विकेट के बाद दो शतकीय साझेदारियां एक ही पारी में बनीं।

मैच की मौजूदा स्थिति: ऑस्ट्रेलिया बैकफुट पर

पहली पारी में 425 रन बनाकर दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया पर भारी दबाव बना दिया है। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने महज चार ओवर में एक विकेट पर तीन रन बनाए थे। कगिसो रबाडा ने निक मैडिसन को खाता खोले बिना पवेलियन भेज दिया। क्रीज पर ट्रेविस हेड और स्कॉट बोलैंड मौजूद थे।

चौथे दिन ऑस्ट्रेलिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती दक्षिण अफ्रीका की बढ़त को कम करने की होगी। पिच अब बल्लेबाजी के लिए बेहतर हो रही है, लेकिन 400 से ज्यादा रनों के बोझ तले कंगारू बल्लेबाजों की असली परीक्षा होगी।

सीरीज का संदर्भ और बावुमा का बयान

इस सीरीज के पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका को भारी अंतर से हराया था, इसलिए मेजबान टीम पर वापसी का दबाव था। बावुमा की पारी ने टीम को उसी वापसी की राह दिखा दी है। मैच के बाद बावुमा ने कहा कि वह मुश्किल परिस्थितियों में बल्लेबाजी करने के आदी हैं और ऐसी स्थितियां अक्सर उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकलवाती हैं।

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बड़ा शतक बनाना उनके करियर में हमेशा एक मानसिक चुनौती रहा है, और इस बाधा को पार करके उन्हें खास खुशी मिली है। दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट बोर्ड ने एक्स पर लिखा, “कप्तान के लिए शतक! टेंबा बावुमा, सलाम!”

आगे क्या?

दूसरे टेस्ट में अब दक्षिण अफ्रीका ड्राइविंग सीट पर है। अगर मेजबान टीम यह मैच जीतती है, तो तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर हो जाएगी और निर्णायक टेस्ट और भी रोमांचक होगा। चौथे और पांचवें दिन का खेल इस सीरीज की दिशा तय करेगा। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों पर होंगी कि वे इस दबाव से कैसे निपटते हैं।

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राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं, देश-राज्य की राजनीति और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी खबरों पर लेखन। बिजनेस और स्पोर्ट्स की खबरें भी। ब्रेकिंग न्यूज की होड़ के बीच डिजिटल मीडिया में एआई जैसे नवाचार की नर्सरी का छात्र।