Wednesday, 21 October 2026

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बेहद करीब! जयशंकर से मिले मार्को रुबियो, बोले- जल्द मिलेगी अच्छी खबर

मुंबई में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मिलते विदेश मंत्री एस. जयशंकर

भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से अटकी व्यापार समझौते (ट्रेड डील) को लेकर अब तक की सबसे बड़ी उम्मीद जगी है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को मुंबई में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के बाद कहा कि दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। रुबियो के मुताबिक, अब सिर्फ कुछ ही मुद्दे बचे हैं, जिन्हें जल्द सुलझा लिया जाएगा, और उसके बाद इस संबंध में अच्छी खबर सामने आ सकती है।

खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी मंगलवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा कि भारत और अमेरिका ट्रेड डील के काफी करीब हैं। ट्रंप ने कहा, “वे समझौता करना चाहते हैं। हम समझौता करेंगे। काफी करीब हैं।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह “एक अलग तरह का समझौता” हो सकता है, हालांकि उन्होंने इस पर विस्तार से कुछ नहीं कहा।

ट्रेड डील पर रुबियो ने क्या कहा?

जयशंकर के साथ बैठक के बाद रुबियो ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में है। उनके शब्दों में, अब केवल कुछ तकनीकी मुद्दे बचे हैं, जिन पर दोनों पक्षों की टीमें काम कर रही हैं। रुबियो ने यह भी साफ किया कि अमेरिकी विदेश विभाग सीधे तौर पर व्यापार समझौतों पर बातचीत नहीं करता, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में उसकी सक्रिय भूमिका है।

रुबियो ने उम्मीद जताई कि जल्द ही समझौते को लेकर अच्छी खबर सामने आएगी और उसके बाद हस्ताक्षर की औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। भारत की ओर से वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी पहले कहा था कि समझौते का पहला चरण अंतिम रूपरेखा और कानूनी मसौदे के चरण में है। भारत अपने निर्यातकों के लिए अमेरिका के बाजार में बांग्लादेश, वियतनाम और इंडोनेशिया जैसे प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में टैरिफ में बढ़त चाहता है।

मुलाकात में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

रुबियो भारत के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे (20-21 अक्टूबर) पर हैं, और यह इस साल उनका दूसरा भारत दौरा है। इससे पहले वे मई में भी नई दिल्ली आए थे। जयशंकर के साथ बैठक में दोनों नेताओं ने ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने की जरूरत पर जोर दिया। रुबियो ने भारत को अमेरिका का महत्वपूर्ण व्यापारिक और रणनीतिक साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में भी व्यापक सहयोग है। उन्होंने क्वाड में भारत की भूमिका का उल्लेख किया और दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय मुलाकातों को और बढ़ाने की जरूरत भी जताई।

ऊर्जा सहयोग पर खास जोर

बैठक के दौरान भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग पर भी खास चर्चा हुई। रुबियो ने भारत की कच्चे तेल को रिफाइन करने की क्षमता की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला से तेल की उपलब्धता बढ़ने पर भारत वैश्विक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

हालांकि, रुबियो ने यह भी संकेत दिया कि तेल से जुड़े कुछ प्रतिबंध और अन्य बाधाएं इस सहयोग में चुनौती बन सकती हैं, जिन्हें दोनों देशों को मिलकर सुलझाना होगा। गौरतलब है कि मुंबई के बाद रुबियो गुजरात के जामनगर भी जाएंगे, जहां ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने पर बातचीत होगी।

26/11 स्मारक पर पुष्पांजलि, आतंकवाद पर सख्त संदेश

मुलाकात के दौरान रुबियो ने मुंबई के ताज होटल में 26/11 स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित किया। उनके साथ विदेश मंत्री जयशंकर भी मौजूद थे। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आतंकवाद के सभी रूपों से निपटने के लिए दोनों देशों को अपनी मजबूत साझेदारी जारी रखनी चाहिए।

जयशंकर ने रुबियो के साथ मुलाकात की तस्वीरें भी साझा कीं और बताया कि व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और लोगों के बीच संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। इस यात्रा में रुबियो के साथ उनकी पत्नी जेनेट रुबियो और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी मौजूद रहे।

रुबियो की यात्रा के अन्य कार्यक्रम

मुंबई में जयशंकर के साथ बैठक के बाद रुबियो का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहा। उन्होंने मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में ‘फ्रीडम 250’ स्वागत समारोह में भी हिस्सा लिया, जहां जयशंकर के साथ उनका हल्का-फुल्का अंदाज भी देखने को मिला। इसके बाद रुबियो बुधवार को गुजरात के जामनगर जाएंगे, जो ऊर्जा के लिहाज से भारत का एक अहम केंद्र है। वहां ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने पर बातचीत होगी।

रुबियो ने अपनी यात्रा के दौरान संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद के साथ भी मुलाकात की, जिसमें क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा और साझा आर्थिक प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई। भारत पहुंचने पर विदेश मंत्रालय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया था। हवाई अड्डे पर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आशीष शेलार ने उनका स्वागत किया। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस यात्रा को ‘सार्थक’ बताते हुए कहा कि इससे भारत-अमेरिका संबंधों को नई गति मिलेगी।

आगे क्या होगा?

फिलहाल व्यापार समझौते पर अंतिम सहमति और हस्ताक्षर की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। रुबियो के बयान से बातचीत में प्रगति के स्पष्ट संकेत मिले हैं, लेकिन समझौते की शर्तें और अंतिम तारीख सामने आने के बाद ही इसकी पूरी तस्वीर साफ होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह डील होती है, तो यह दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक नया अध्याय लिखेगी और भारत के निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार के दरवाजे और चौड़े करेगी।

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राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं, देश-राज्य की राजनीति और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी खबरों पर लेखन। बिजनेस और स्पोर्ट्स की खबरें भी। ब्रेकिंग न्यूज की होड़ के बीच डिजिटल मीडिया में एआई जैसे नवाचार की नर्सरी का छात्र।