Tuesday, 27 October 2026

हरमनप्रीत और दीप्ति के शतकों से भारत ने जीती वनडे सीरीज, जिम्बाब्वे को 121 रन से हराकर 2-0 की अजेय बढ़त

वडोदरा में जिम्बाब्वे के खिलाफ शतक के बाद बल्लेबाजी करती भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे में शानदार जीत दर्ज करके तीन मैचों की सीरीज पर कब्जा कर लिया है। वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में रविवार को खेले गए मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 328 रन बनाए और फिर जिम्बाब्वे को 207 रन पर समेटकर 121 रन से जीत हासिल की। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है।

इस जीत की सबसे बड़ी नायिकाएं हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा रहीं। दोनों ने शतक लगाकर भारतीय पारी को संकट से निकालकर बड़े स्कोर तक पहुंचाया। इसके बाद गेंदबाजी में युवा स्पिनर वैष्णवी शर्मा ने चार विकेट लेकर जिम्बाब्वे की पारी को ध्वस्त कर दिया। दीप्ति शर्मा ने गेंद से भी तीन विकेट लेकर ऑलराउंड प्रदर्शन किया।

## खराब शुरुआत के बाद संभली भारतीय पारी

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। कप्तान स्मृति मंधाना सिर्फ दो गेंद खेलकर बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आईं शेफाली वर्मा भी सिर्फ आठ रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। इस तरह भारत का स्कोर सिर्फ 19 रन पर दो विकेट हो गया था। मौजूदा विश्व चैंपियन टीम के लिए यह स्थिति चिंता का विषय थी।

लेकिन इसके बाद पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मोर्चा संभाला। उन्होंने प्रतिका रावल के साथ मिलकर पारी को संभाला। प्रतिका ने पहले वनडे में भी शतक लगाया था और इस मैच में भी वह अच्छी लय में दिखीं। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 124 रन की साझेदारी की। प्रतिका 67 गेंदों में 61 रन बनाकर आउट हुईं, लेकिन तब तक भारत संकट से बाहर आ चुका था।

हरमनप्रीत कौर ने इसके बाद दीप्ति शर्मा के साथ मिलकर पारी को और मजबूत किया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 153 रन की साझेदारी की। यह भारतीय महिला वनडे इतिहास में पांचवें विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी बन गई। इस साझेदारी ने भारत को 300 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

## हरमनप्रीत का आठवां वनडे शतक

हरमनप्रीत कौर ने 121 गेंदों में 126 रन की पारी खेली। यह उनके वनडे करियर का आठवां शतक है। इस शतक के साथ वह भारतीय महिला क्रिकेट में सबसे अधिक वनडे शतक लगाने वाली बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गई हैं। उनकी पारी में कई खूबसूरत चौके शामिल थे और उन्होंने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।

हरमनप्रीत की पारी के दौरान एक मौका भी आया, जब 68 रन के स्कोर पर उनका कैच छूट गया। उन्होंने इस जीवनदान का पूरा फायदा उठाया और शतक पूरा किया। अंत में वह डीप मिडविकेट पर कैच आउट हुईं। मैच के बाद उन्होंने कहा कि कप्तानी छोड़ने के बाद फॉर्म में लौटना उनके लिए खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट उनके लिए खुशी का स्रोत है और वह इसी तरह खेलना जारी रखना चाहती हैं।

## दीप्ति शर्मा का ऑलराउंड कमाल

दीप्ति शर्मा ने भी इस मैच में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। उन्होंने 86 गेंदों में नाबाद 106 रन बनाए। यह उनका दूसरा वनडे शतक है। दीप्ति ने अपनी पारी में कई आकर्षक शॉट खेले और हरमनप्रीत के साथ मिलकर भारतीय पारी को मजबूती दी। हरमनप्रीत और दीप्ति महिला वनडे इतिहास में एक ही पारी में शतक लगाने वाली सिर्फ तीसरी भारतीय जोड़ी बन गई हैं।

दीप्ति का कमाल बल्ले से ही नहीं रुका। गेंदबाजी में भी उन्होंने तीन विकेट लिए। इस तरह वह एक ही वनडे में शतक और तीन विकेट लेने वाली सिर्फ दूसरी भारतीय महिला क्रिकेटर बन गई हैं।
## वैष्णवी शर्मा ने चार विकेट लेकर पलटा मैच

329 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम की शुरुआत भी खराब रही। सलामी बल्लेबाज लॉरिन फिरी सस्ते में आउट हो गईं। इसके बाद मोडेस्टर मुपाचिक्वा और चिपो मुगेरी-तिरिपानो ने 82 रन की साझेदारी करके भारतीय गेंदबाजों को परेशान किया। मुपाचिक्वा ने 48 रन और तिरिपानो ने 42 रन बनाए। एक समय ऐसा लग रहा था कि जिम्बाब्वे की टीम मैच में वापसी कर सकती है।

लेकिन युवा बाएं हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा के आते ही मैच का रुख बदल गया। उन्होंने तिरिपानो को आउट करके पहली सफलता दिलाई। इसके बाद उन्होंने अपने दूसरे स्पैल में दो और विकेट लिए। वैष्णवी ने 10 ओवर में 39 रन देकर चार विकेट हासिल किए। यह उनके वनडे करियर का पहला चार विकेट हॉल है। उनकी गेंदबाजी ने जिम्बाब्वे की पारी को पूरी तरह से बिखेर दिया।

दीप्ति शर्मा ने भी गेंद से शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने करीब नौ ओवर में तीन विकेट चटकाए। सयाली सातघरे, जिंतीमनी कालिता और श्री चरणी ने एक-एक विकेट लिया। भारतीय गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे को बड़ा स्कोर बनाने का मौका नहीं दिया और पूरी टीम 48.5 ओवर में 207 रन पर सिमट गई। इस तरह भारत ने 121 रन की बड़ी जीत दर्ज की।

## कप्तान स्मृति मंधाना ने की तारीफ

मैच के बाद कप्तान स्मृति मंधाना ने टीम के प्रदर्शन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू यह था कि टीम 19 रन पर दो विकेट गंवाने के बाद भी 328 रन तक पहुंच गई। मंधाना ने हरमनप्रीत और दीप्ति की पारियों की सराहना की और गेंदबाजी रणनीति की प्रभावशीलता की भी प्रशंसा की।

इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। अब तीसरा और अंतिम वनडे औपचारिकता मात्र रह गया है, लेकिन भारतीय टीम चाहेगी कि वह सीरीज को 3-0 से अपने नाम करे। इससे टीम का आत्मविश्वास और बढ़ेगा और युवा खिलाड़ियों को भी अधिक मौके मिल सकेंगे।

भारतीय महिला टीम हाल ही में विश्व चैंपियन बनी है और इस सीरीज में भी उसने अपना दबदबा कायम रखा है। हरमनप्रीत और दीप्ति जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ वैष्णवी जैसे युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन टीम के भविष्य के लिए शुभ संकेत है। अगर यही लय बनी रही, तो भारतीय महिला क्रिकेट आने वाले समय में और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती है।

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राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं, देश-राज्य की राजनीति और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी खबरों पर लेखन। बिजनेस और स्पोर्ट्स की खबरें भी। ब्रेकिंग न्यूज की होड़ के बीच डिजिटल मीडिया में एआई जैसे नवाचार की नर्सरी का छात्र।