न्यूजीलैंड ने 30 अक्टूबर को ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारत को 87 रन से हरा दिया। यह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रनों के अंतर से भारत की अब तक की सबसे बड़ी हार है। इससे पहले 2019 में वेलिंग्टन में न्यूजीलैंड ने ही भारत को 80 रन से हराया था। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 259 रन बनाए, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय में उसका अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है।
जवाब में भारतीय टीम 20 ओवर में 9 विकेट पर 172 रन ही बना सकी। इस हार के बावजूद भारत पांच मैचों की सीरीज में 3-1 से आगे है, क्योंकि उसने पहले तीनों मुकाबले जीतकर सीरीज पहले ही अपने नाम कर ली थी। इस हार से भारत का क्लीन स्वीप का सपना टूट गया। सीरीज का आखिरी मुकाबला 1 नवंबर को हैमिल्टन में खेला जाएगा।
फिलिप्स और ब्रेसवेल ने खड़ा किया पहाड़ जैसा स्कोर
टॉस जीतकर भारत ने न्यूजीलैंड को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया था। ग्लेन फिलिप्स इस जीत के सबसे बड़े नायक रहे। उन्होंने महज 49 गेंदों पर 107 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी पारी में 6 चौके और 10 छक्के शामिल थे। फिलिप्स ने 31 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और फिर 46 गेंदों में अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का तीसरा शतक जड़ दिया।
फिलिप्स का साथ माइकल ब्रेसवेल ने बखूबी निभाया। ब्रेसवेल ने महज 25 गेंदों पर 65 रन ठोक दिए। फिलिप्स और ब्रेसवेल ने पांचवें विकेट के लिए महज 41 गेंदों में 115 रन की विस्फोटक साझेदारी की। फिन एलन ने 17 गेंदों पर 31 रन और डेरिल मिचेल ने 9 गेंदों पर 24 रन बनाकर भी अहम योगदान दिया। इन छोटी लेकिन तेज पारियों ने न्यूजीलैंड को शुरुआती गति दी और फिलिप्स को बिना दबाव के खेलने का मौका मिला, जिससे बीच के ओवरों में रन गति और बढ़ गई। न्यूजीलैंड ने अंतिम पांच ओवरों में 85 रन बटोरे और स्कोर 259 तक पहुंचा दिया।
16वां ओवर और छक्कों की बारिश
इस पारी का सबसे यादगार पल 16वां ओवर रहा। नीतीश कुमार रेड्डी के इस ओवर में फिलिप्स ने लगातार चार छक्के जड़े और ओवर में कुल 32 रन बने। न्यूजीलैंड की पारी में कुल 20 छक्के लगे, जिनमें से 16 छक्के फिलिप्स और ब्रेसवेल ने मिलकर लगाए।
भारतीय गेंदबाजों में मयंक यादव सबसे सफल रहे। उन्होंने 48 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। पावरप्ले में भी न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए। इस पारी ने साबित किया कि टी20 में एक-दो बड़े ओवर पूरे मुकाबले की तस्वीर बदल सकते हैं।
डफी के पहले ओवर में ही टूट गई भारतीय पारी
260 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। जैकब डफी ने पहले ही ओवर में संजू सैमसन और ईशान किशन को पवेलियन भेज दिया। सैमसन 4 रन और किशन 0 रन पर आउट हुए। अभिषेक शर्मा ने 27 रन बनाए और नमन धीर ने 28 रन का योगदान दिया, लेकिन साझेदारी बड़ी नहीं बन पाई। तिलक वर्मा 35 रन बनाकर भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे।
न्यूजीलैंड की ओर से जैकब डफी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 23 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। मैथ्यू फिशर और कप्तान मिचेल सैंटनर ने 2-2 विकेट लिए। भारतीय बल्लेबाजों को रन गति बढ़ाने के दबाव में लगातार विकेट गंवाने पड़े। बीच के ओवरों में भी कोई बड़ी साझेदारी नहीं बन सकी और टीम 172 रन ही बना सकी।
कप्तान अय्यर ने मानी गेंदबाजी की कमजोरी
मैच के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने स्वीकार किया कि टीम गेंदबाजी विभाग में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि टीम गेंदबाजी में पीछे रह गई, खासकर पावरप्ले में न्यूजीलैंड ने तीसरे ओवर से लय हासिल कर ली। अय्यर ने आखिरी मुकाबले से पहले नए सिरे से रणनीति बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
यह हार भारत के लिए एक चेतावनी की तरह भी है। सीरीज जीतने के बाद भी टीम को अपनी कमजोरियों पर काम करना होगा। बड़े स्कोर वाले मुकाबलों में गेंदबाजी की योजना में सुधार जरूरी है। हैमिल्टन में टीम को बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
हैमिल्टन में आखिरी मुकाबला और सीरीज का समापन
सीरीज का पांचवां और आखिरी मुकाबला 1 नवंबर को हैमिल्टन में खेला जाएगा। यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए अहम है। भारत 4-1 से सीरीज जीतना चाहेगा, जबकि न्यूजीलैंड 3-2 के अंतर से सीरीज खत्म करके सम्मान बचाना चाहेगा। न्यूजीलैंड की टीम चौथे मुकाबले की जीत से आत्मविश्वास से भरी होगी।
भारत के लिए यह मुकाबला बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में वापसी का मौका है। सलामी बल्लेबाजों से अच्छी शुरुआत की उम्मीद होगी, ताकि बीच के बल्लेबाज दबाव के बिना खेल सकें और गेंदबाज पावरप्ले में विकेट लेकर न्यूजीलैंड की तेज शुरुआत को रोक सकें। फैंस को एक रोमांचक मुकाबले की उम्मीद है। अगर भारत हैमिल्टन में जीतता है, तो सीरीज 4-1 से उसके नाम होगी।
