Sunday, 1 November 2026

चक्रवात अर्नब के बाद अब बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम, आंध्र में सात मौतें और 4600 करोड़ का नुकसान

चक्रवात अर्नब के बाद आंध्र प्रदेश में तबाही, गिरे पेड़ और जलभराव

बंगाल की खाड़ी से उठा अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान अर्नब आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद कमजोर होकर अंदरूनी इलाकों की ओर बढ़ गया है, लेकिन उसके पीछे छोड़ी गई तबाही का आकलन अब सामने आ रहा है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के अनुसार राज्य में सात लोगों की मौत हुई है और प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक करीब चार हजार छह सौ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। विस्तृत आकलन के बाद यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है। इस बीच ओडिशा के दक्षिणी जिलों में भारी बारिश से आई बाढ़ ने राहत कार्यों को कठिन बना दिया है।

तट से टकराया और अंदर तक गया तूफान

चक्रवात अर्नब ने अट्ठाईस अक्टूबर की सुबह पश्चिम गोदावरी जिले के नरसापुर के पास आंध्र प्रदेश तट को पार किया था। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने इसे अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान की श्रेणी में रखा था, जो विभाग की पैमाइश में तीसरी सबसे ऊंची श्रेणी मानी जाती है। तट से टकराने के समय तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश ने तटीय जिलों में पेड़ों को उखाड़ दिया, बिजली के खंभों को गिरा दिया और कई सड़कों पर जलभराव कर दिया। तूफान आगे बढ़ने के साथ कमजोर होता गया। उनतीस अक्टूबर की सुबह तक यह गहरे अवदाब में बदल चुका था और दक्षिण छत्तीसगढ़ तथा दक्षिण ओडिशा के आसपास केंद्रित था। मौसम विभाग के अनुसार इसके बाद इसके और कमजोर होकर सुस्पष्ट निम्न दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना थी।

आंध्र प्रदेश में मौतें, घर और फसल का नुकसान

मुख्यमंत्री नायडू ने उनतीस अक्टूबर को प्रभावित इलाकों के हवाई सर्वेक्षण के बाद कहा कि चक्रवात से जुड़ी घटनाओं में सात लोगों की जान गई है। खबरों के अनुसार इन घटनाओं में बिजली की टूटी लाइनों से करंट लगना, गिरते खंभों और पेड़ों की चपेट में आना और एक महिला का बाढ़ के पानी में बह जाना शामिल है। राज्य सरकार ने हर मृतक के परिवार को पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। आंध्र प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उनतीस अक्टूबर के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार राज्य के अट्ठाईस जिलों से नुकसान की सूचनाएं मिली हैं। इनमें तीन हजार छह सौ इकतीस मकान और तीन हजार नौ झोपड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं।

बिजली, सड़क और राहत की चुनौती

तूफान के बाद सबसे बड़ी चुनौती बिजली और संचार सेवाओं को बहाल करना है। राज्य सरकार के बयान के अनुसार कोनसीमा और पश्चिम गोदावरी को छोड़कर बाकी सभी जिलों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है, हालांकि ग्रामीण इलाकों में काम जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली बहाली के लिए तेलंगाना से एक हजार कर्मचारियों की मदद मांगी गई है। राहत शिविरों से लौटने वाले परिवारों को पच्चीस किलो चावल, आवश्यक वस्तुओं का एक पैकेट और तत्काल खर्चों के लिए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। किसानों के लिए नारियल और ऑयल पाम के हर क्षतिग्रस्त पेड़ पर पंद्रह सौ रुपये का मुआवजा देने की बात कही गई है। कृषि और बागवानी फसलों का मुआवजा नुकसान के आकलन के बाद सीधे लाभार्थियों के खातों में जमा किया जाएगा।

ओडिशा में बाढ़ और बचाव कार्य

ओडिशा में तूफान के अवशेषों से हुई भारी बारिश ने बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी। राहत एजेंसियों की तीस अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार गंजाम जिले के पात्रपुर में पांच सौ छियालीस मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे गंजाम और गजपति जिलों में अचानक बाढ़ आ गई। रुशिकुल्या नदी के तटबंध टूटने की खबरें भी सामने आई हैं। हेलीकॉप्टरों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और भोजन के पैकेट गिराए जा रहे हैं। ओडिशा में तीस हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। राज्य के सोलह जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए और दो हजार सैंतीस चक्रवात आश्रय केंद्र तैयार रखे गए, जहां भोजन और पीने के पानी की व्यवस्था की गई।

बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम क्या कहता है

आंध्र प्रदेश अभी अर्नब के असर से उबर ही रहा था कि बंगाल की खाड़ी में एक और मौसम प्रणाली बन गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार उनतीस अक्टूबर की सुबह दक्षिण अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्र में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना। यह प्रणाली पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए अगले चौबीस घंटों में सुस्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र बन सकती है और फिर दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के आसपास इकतीस अक्टूबर तक अवदाब में बदल सकती है। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी कहा है कि यह प्रणाली धीरे-धीरे मजबूत होकर आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ सकती है। मौसम विभाग इस प्रणाली पर करीबी नजर रख रहा है।

निष्कर्ष: तैयारी ने बचाई जानें, अब पुनर्निर्माण की परीक्षा

चक्रवात अर्नब की कहानी दो तरह से पढ़ी जा सकती है। एक ओर समय पर चेतावनी, बड़े पैमाने पर निकासी और तकनीक के इस्तेमाल से जानमाल का नुकसान सीमित रखने में मदद मिली। दूसरी ओर तटीय जिलों में बिजली, सड़क और फसलों को हुआ नुकसान यह दिखाता है कि तूफान के बाद की बहाली अब भी सबसे कठिन काम है। मौतों के शुरुआती आंकड़ों में अंतर भी देखा गया था, लेकिन मुख्यमंत्री के बयान में सात मौतों का ताजा आधिकारिक आंकड़ा सामने आया। नुकसान का आंकड़ा भी प्रारंभिक है और विस्तृत सर्वेक्षण के बाद बदल सकता है। ओडिशा में बाढ़ और बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम प्रशासन की तैयारियों की एक और परीक्षा लेगा।

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राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं, देश-राज्य की राजनीति और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी खबरों पर लेखन। बिजनेस और स्पोर्ट्स की खबरें भी। ब्रेकिंग न्यूज की होड़ के बीच डिजिटल मीडिया में एआई जैसे नवाचार की नर्सरी का छात्र।