Sunday, 1 November 2026

सेंसेक्स 74,459 पर बंद, निफ्टी ने फिर पाया 23,000 का स्तर — अर्थव्यवस्था में 7.35 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान

शेयर बाजार में बढ़त, सेंसेक्स और निफ्टी के बंद भाव

अक्टूबर का आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए मजबूत साबित हुआ। तीस अक्टूबर, शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी ने आठ सत्रों के बाद फिर से तेईस हजार का स्तर हासिल किया। आईटी और फार्मा शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया, जबकि व्यापक बाजार में कमजोरी बनी रही। इसी दिन अर्थव्यवस्था को लेकर भी एक अहम अनुमान सामने आया। वित्त मंत्रालय की मासिक आर्थिक समीक्षा में जुलाई-सितंबर तिमाही में सात दशमलव तीन पांच प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। घरेलू मांग, उपभोग और औद्योगिक गतिविधियों में सुधार को इसकी वजह बताया गया है। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक अनिश्चितता अब भी चिंता का विषय हैं।

बंद भाव — सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में

बीएसई सेंसेक्स तीन सौ आठ दशमलव चार नौ अंक यानी शून्य दशमलव चार दो प्रतिशत बढ़कर चौहत्तर हजार चार सौ उनसठ दशमलव पांच तीन पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी पचास एक सौ सोलह दशमलव तीन पांच अंक यानी शून्य दशमलव पांच एक प्रतिशत बढ़कर तेईस हजार तिरपन दशमलव एक शून्य पर बंद हुआ। दिन में निफ्टी तेईस हजार एक सौ अठारह तक पहुंचा था। साप्ताहिक आधार पर निफ्टी में लगभग दो प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि सेंसेक्स में एक हजार तीन सौ अंकों से अधिक की बढ़त हुई। यह लगातार तीसरा सत्र था, जब प्रमुख सूचकांकों में बढ़त दर्ज की गई।

बढ़त की अगुवाई किसने की, और व्यापक बाजार क्यों कमजोर रहा

निफ्टी आईटी लगभग दो दशमलव एक छह प्रतिशत बढ़ा। निफ्टी फार्मा में एक दशमलव छह सात प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर में एक दशमलव पांच नौ प्रतिशत की बढ़त हुई। ट्रेंट सबसे अधिक चढ़ा; मजबूत नतीजों और जूडियो के एक हजार स्टोर पार करने के बाद इसमें लगभग सात प्रतिशत की बढ़त हुई। इंडिगो के शेयर भी मजबूत रहे। दूसरी ओर, अदाणी पोर्ट्स और श्रीराम फाइनेंस में गिरावट रही। पूंजीगत सामान, औद्योगिक, दूरसंचार, ऑटो, सार्वजनिक बैंक, मीडिया और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं में कमजोरी रही। बैंक निफ्टी शून्य दशमलव चार एक प्रतिशत गिरा। मिडकैप सौ शून्य दशमलव नौ तीन प्रतिशत और स्मॉलकैप सौ एक दशमलव आठ पांच प्रतिशत टूटा।

अर्थव्यवस्था का अनुमान — 7.35 प्रतिशत वृद्धि, जीएसटी और वाहन बिक्री में मजबूती

वित्त मंत्रालय की अक्टूबर की मासिक आर्थिक समीक्षा में जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए सात दशमलव तीन पांच प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। यह अनुमान मंत्रालय के नाउकास्टिंग मॉडल से तैयार किया गया है। अप्रैल-जून तिमाही में वृद्धि सात दशमलव आठ प्रतिशत थी, इसलिए दूसरी तिमाही का अनुमान उससे थोड़ा कम है, लेकिन रफ्तार मजबूत बनी हुई है। सकल जीएसटी संग्रह में जुलाई-सितंबर में लगभग पंद्रह प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो पिछली तिमाही की आठ दशमलव चार प्रतिशत से काफी अधिक है। घरेलू वाहन बिक्री में सालाना आधार पर लगभग पच्चीस प्रतिशत की बढ़त हुई, जिसे ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों की स्वस्थ मांग का नतीजा बताया गया है। औद्योगिक उत्पादन, बिजली खपत और बंदरगाह गतिविधियों में भी सुधार हुआ। सितंबर में विनिर्माण और सेवा पीएमआई में मजबूती आई।

कंपनियों के नतीजे — गेल और इंडियन ऑयल के मुनाफे में तेज उछाल

गेल इंडिया का शुद्ध मुनाफा दोगुना से अधिक बढ़कर चार हजार छह सौ पचास करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले यह दो हजार दो सौ सत्रह करोड़ रुपये था। कंपनी की आय तीस प्रतिशत से अधिक बढ़ी। गेल के बोर्ड ने अपनी शहरी गैस वितरण इकाई, गेल गैस, को सूचीबद्ध करने की मंजूरी दी है, जिसमें निर्गम के माध्यम से पच्चीस प्रतिशत हिस्सेदारी कम की जाएगी। इंडियन ऑयल का समेकित शुद्ध मुनाफा बाईस हजार पांच सौ तीन करोड़ रुपये तक पहुंच गया। सन फार्मा का समेकित शुद्ध मुनाफा एकमुश्त शुल्कों के कारण छत्तीस प्रतिशत घटकर एक हजार नौ सौ नवासी करोड़ रुपये रह गया। ये शुल्क ऑर्गेनॉन के प्रस्तावित अधिग्रहण और अमेरिका में एक अविश्वास मामले के समझौते से जुड़े थे।

कच्चा तेल, रुपया, सोना और आगे की राह

ब्रेंट दिसंबर वायदा एक सौ सत्रह दशमलव आठ डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो अप्रैल के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। डब्ल्यूटीआई भी एक सौ चार डॉलर की ओर बढ़ा। दोनों में अक्टूबर में बारह प्रतिशत से अधिक की बढ़त की संभावना है। वजहों में पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव बताया गया है। भारत के लिए महंगा कच्चा तेल सीधे महंगाई और आयात बिल से जुड़ा है, और इससे रिजर्व बैंक के अगले फैसले पर भी असर पड़ सकता है। इस दबाव के बीच रुपया मजबूत हुआ और चौरानवे दशमलव नौ पांच रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। आने वाले सप्ताह में रिलायंस, एनटीपीसी और पावर ग्रिड के नतीजे आएंगे, जबकि सोमवार को आईटीसी और मैरिको के नतीजे आएंगे। तीन नवंबर को अमेरिका में मध्यावधि चुनाव भी हैं। निफ्टी के लिए बाईस हजार आठ सौ को अहम सहारा और तेईस हजार दो सौ से ऊपर निर्णायक बंद को सुधार की पुष्टि के लिए जरूरी बताया गया है।

निवेशकों के लिए मुख्य बातें

  • निफ्टी तेईस हजार के ऊपर बंद हुआ, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप गिरे — बढ़त चुनिंदा शेयरों तक सीमित थी।
  • आईटी और फार्मा ने अगुवाई की; बैंक, ऑटो और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं में कमजोरी रही।
  • जुलाई-सितंबर में अर्थव्यवस्था के सात दशमलव तीन पांच प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है।
  • जीएसटी संग्रह में लगभग पंद्रह प्रतिशत और वाहन बिक्री में लगभग पच्चीस प्रतिशत की सालाना बढ़त हुई।
  • कच्चा तेल एक सौ सत्रह डॉलर से ऊपर है, इसलिए महंगाई पर दबाव की आशंका बनी हुई है।

कुल मिलाकर, अक्टूबर का अंत सकारात्मक रहा, लेकिन व्यापक बाजार की कमजोरी, महंगा कच्चा तेल और वैश्विक अनिश्चितता सतर्कता मांगते हैं। निवेशक नतीजों और कच्चे तेल पर नजर रखें।

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राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं, देश-राज्य की राजनीति और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी खबरों पर लेखन। बिजनेस और स्पोर्ट्स की खबरें भी। ब्रेकिंग न्यूज की होड़ के बीच डिजिटल मीडिया में एआई जैसे नवाचार की नर्सरी का छात्र।