Tuesday, 27 October 2026

खरगे की कथित टिप्पणी पर सियासी घमासान तेज, भाजपा का आज देशव्यापी प्रदर्शन, कांग्रेस ने दिया बचाव

प्रदर्शन के दौरान राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और नेता

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की कथित टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस टिप्पणी के विरोध में आज, सोमवार 26 अक्टूबर 2026 को देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है। भाजपा का आरोप है कि खरगे ने राजनीतिक विरोध के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को निशाना बनाया। दूसरी ओर, कांग्रेस ने खरगे का बचाव करते हुए कहा है कि उनकी टिप्पणी का इशारा किसी व्यक्ति की ओर नहीं, बल्कि एक संगठन की ओर था।

यह विवाद बिहार के पटना में आयोजित एक कार्यक्रम से शुरू हुआ। कार्यक्रम श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भाषण दे रहे थे। इसी दौरान सभा में मौजूद एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कुछ कहा। सामने आए वीडियो में उसकी बात का एक हिस्सा सुनाई दिया। इस पर खरगे ने मंच से जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कथित रूप से कहा कि मोदी का बाप भी जाएगा। कार्यक्रम का वीडियो सामने आते ही भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष की भाषा पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

## भाजपा ने क्यों किया प्रदर्शन का ऐलान

भाजपा का कहना है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन नेताओं के परिवार के सदस्यों को विवाद में शामिल करना स्वीकार्य नहीं है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि खरगे ने प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के बारे में अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इसी के विरोध में पार्टी ने सोमवार को देशभर में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस बयान की आलोचना की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खरगे की टिप्पणी को राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताते हुए कांग्रेस पर व्यक्तिगत हमलों की राजनीति करने का आरोप लगाया। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी कांग्रेस अध्यक्ष की भाषा पर आपत्ति जताई और इसे अनुचित बताया। पार्टी के अन्य नेताओं ने भी इस टिप्पणी की निंदा की है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि खरगे की टिप्पणी ने उन्हें स्तब्ध और आहत किया है। राजनाथ सिंह ने पटना में इस मुद्दे पर अपनी बात रखी और कहा कि राजनीतिक बहस में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। भाजपा का कहना है कि प्रदर्शन के जरिए वह इस भाषा के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएगी।

## कांग्रेस का बचाव क्या है

कांग्रेस ने खरगे की टिप्पणी का बचाव करते हुए कहा है कि उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि खरगे का इशारा प्रधानमंत्री के पिता की ओर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर था। पार्टी के अनुसार, खरगे यह कहना चाह रहे थे कि सत्ता से जुड़ी विचारधारा भी एक दिन जाएगी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा इस बयान को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है।

कांग्रेस का यह भी कहना है कि राजनीतिक बहस में विपक्षी नेताओं की बातों को अक्सर संदर्भ से हटाकर दिखाया जाता है। पार्टी ने भाजपा के प्रदर्शन को राजनीतिक हथकंडा बताया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इस विवाद को बढ़ाया जा रहा है। फिलहाल, दोनों दलों के बीच बयानबाजी जारी है और इस विवाद के और बढ़ने की संभावना है।

## जिस व्यक्ति की बात पर विवाद हुआ, उसने क्या कहा

इस पूरे विवाद में उस व्यक्ति का बयान भी सामने आया है, जिसकी बात सुनकर खरगे ने मंच से प्रतिक्रिया दी थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उस व्यक्ति की पहचान संतोष कुमार के रूप में हुई है। संतोष कुमार ने दावा किया है कि वह प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन नहीं कर रहे थे, बल्कि यह कहना चाहते थे कि जनता के विरोध के बिना मोदी सत्ता से नहीं हटेंगे।

संतोष कुमार का कहना है कि उनकी पूरी बात सुनी ही नहीं गई और बीच का हिस्सा गलत समझ लिया गया। रिपोर्टों के अनुसार, कार्यक्रम में हंगामे के बाद संतोष कुमार के साथ कुछ लोगों ने मारपीट भी की और उन्हें सभागार से बाहर निकाल दिया गया। संतोष की इस सफाई से विवाद में एक नया पहलू जुड़ गया है। हालांकि, इससे खरगे के इस्तेमाल किए गए शब्दों को लेकर भाजपा का विरोध समाप्त नहीं हुआ है।

इस घटनाक्रम ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि सभाओं में भीड़ की बातों पर नेताओं की प्रतिक्रिया कितनी सावधानी से होनी चाहिए, क्योंकि शोर में बातों का अर्थ बदल जाता है।
## भाषण में और क्या कहा गया

खरगे के भाषण में वोट चोरी और चुनाव आयोग को लेकर भी आरोप लगाए गए। कांग्रेस अध्यक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में अनियमितताएं हो रही हैं और इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। कांग्रेस लंबे समय से इस मुद्दे को उठा रही है और चुनाव आयोग से पारदर्शिता की मांग कर रही है।

## आज के प्रदर्शन पर रहेगी नजर

आज भाजपा के देशव्यापी प्रदर्शन पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन की योजना बनाई है। प्रदर्शन के आयोजन और अलग-अलग राज्यों में उसकी स्थिति से संबंधित जानकारी सोमवार को स्पष्ट होगी। यह देखना होगा कि प्रदर्शन कितने बड़े पैमाने पर होता है और क्या इसमें कोई अप्रिय घटना होती है।

यह पहली बार नहीं है जब राजनीतिक भाषा को लेकर विवाद हुआ है। भारतीय राजनीति में नेताओं की भाषा को लेकर पहले भी कई बार विवाद हुए हैं। कभी-कभी नेताओं के बयान को लेकर विरोधी दल प्रदर्शन करते हैं और कभी-कभी मामला अदालत तक पहुंच जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि राजनीतिक बहस में भाषा की मर्यादा बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है।

फिलहाल, सभी की नजरें आज के प्रदर्शन और कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। अगर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहता है और दोनों दलों के बीच बयानबाजी बयान तक सीमित रहती है, तो विवाद धीरे-धीरे ठंडा पड़ सकता है। लेकिन अगर बयानबाजी और बढ़ती है, तो यह विवाद आने वाले दिनों में भी सुर्खियों में बना रह सकता है।

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राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं, देश-राज्य की राजनीति और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी खबरों पर लेखन। बिजनेस और स्पोर्ट्स की खबरें भी। ब्रेकिंग न्यूज की होड़ के बीच डिजिटल मीडिया में एआई जैसे नवाचार की नर्सरी का छात्र।