प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रविवार, 25 अक्टूबर का दिन बेहद व्यस्त रहने वाला है। एक ही दिन में वे उत्तर प्रदेश के वाराणसी और ओडिशा के भुवनेश्वर में तीन बड़े कार्यक्रमों में शामिल होंगे। सुबह वाराणसी में एक नई गारमेंट फैक्ट्री का उद्घाटन होगा, दोपहर में गंगा के ऊपर भारतीय वायुसेना का भव्य एयर शो होगा और शाम को भुवनेश्वर में भारतीय रिजर्व बैंक के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान की शुरुआत होगी। मैन्युफैक्चरिंग, रक्षा शक्ति और डिजिटल वित्तीय ढांचे से जुड़े ये तीनों कार्यक्रम एक साथ यह तस्वीर पेश करते हैं कि सरकार रोजगार, स्वदेशी क्षमता और डेटा सुरक्षा को एक साथ आगे बढ़ाना चाहती है।
सुबह 11 बजे: वाराणसी में गारमेंट फैक्ट्री का उद्घाटन
दौरे की शुरुआत प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से होगी। प्रधानमंत्री कार्यालय की जानकारी के अनुसार, मोदी सुबह करीब 11 बजे अरविंद लिमिटेड की नई गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग सुविधा का उद्घाटन करेंगे। यह सुविधा भारत के टेक्सटाइल और परिधान विनिर्माण तंत्र को मजबूत करने के मकसद से बनाई गई है और इससे वाराणसी क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
इस परियोजना की सबसे खास बात महिला-नेतृत्व वाले विकास पर जोर है। आधुनिक विनिर्माण पद्धतियों पर आधारित इस इकाई में बड़े पैमाने पर महिलाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद जताई गई है। कंपनी का वैश्विक ग्राहक आधार होने के कारण वाराणसी में बने कपड़े अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक निवेश गंतव्य के रूप में छवि और मजबूत होगी और पूर्वांचल में रोजगार के नए अवसर बनेंगे। वाराणसी को एक ग्लोबल टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी इसे अहम कदम माना जा रहा है।
दोपहर 1 बजे: नमो घाट पर ‘विंग्स ओवर गंगा’
वाराणसी के कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री दोपहर करीब 1 बजे नमो घाट पहुंचेंगे, जहां वे एयर फोर्स डे एरियल डिस्प्ले-2026 के मुख्य अतिथि होंगे। यह आयोजन भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के मौके पर ‘विंग्स ओवर गंगा’ थीम पर हो रहा है। गंगा के ऊपर आसमान में होने वाला यह प्रदर्शन वाराणसी के लोगों के लिए एक यादगार अनुभव बनने वाला है और बड़ी संख्या में लोगों के इसके गवाह बनने की उम्मीद है।
इस एयर शो में तेजस लड़ाकू विमान, लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर प्रचंड, सुखोई-30एमकेआई और राफेल जैसे अग्रिम मोर्चे के विमान हिस्सा लेंगे। इनके साथ परिवहन विमान भी उड़ान भरेंगे। खास बात यह है कि भारतीय नौसेना और थलसेना के विमान भी इस प्रदर्शन में शामिल होंगे, जो तीनों सेनाओं के बीच बढ़ती संयुक्तता यानी जॉइंटनेस का प्रतीक माना जा रहा है। वायुसेना की प्रसिद्ध सूर्य किरण एयरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम भी अपनी सटीक उड़ानों से दर्शकों को रोमांचित करेंगी। इस प्रदर्शन के जरिए सटीक उड़ान, आपसी तालमेल और संचालन क्षमता को दिखाया जाएगा।
शाम 4:45 बजे: भुवनेश्वर में RBI डेटा सेंटर
दिन का आखिरी और तकनीकी रूप से सबसे अहम कार्यक्रम भुवनेश्वर में होगा। शाम करीब 4:45 बजे प्रधानमंत्री भारतीय रिजर्व बैंक के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन करेंगे और सभा को संबोधित भी करेंगे। यह सुविधा भुवनेश्वर के पास जटनी स्थित इंफो वैली-II में 18.55 एकड़ में फैली है और इसकी लागत करीब 169 करोड़ रुपये बताई गई है।
यह केंद्र नवी मुंबई स्थित आरबीआई के प्राथमिक डेटा सेंटर के बाद दूसरा ऐसा केंद्र होगा, जो देश की महत्वपूर्ण भुगतान और निपटान प्रणालियों को संभालेगा। इस परिसर में चार अत्याधुनिक डेटा सेंटर होंगे, जिन्हें अपटाइम इंस्टीट्यूट का टियर-IV प्रमाणन मिला है। यह डेटा सेंटर ढांचे की परिचालन क्षमता का सर्वोच्च वैश्विक मानक माना जाता है। आरबीआई के अनुसार, यह बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा क्षेत्र में दुनिया के सबसे बड़े टियर-IV प्रमाणित प्रतिष्ठानों में से एक है।
साइबर सुरक्षा संस्थान क्यों है खास
डेटा सेंटर के साथ बना साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान वित्तीय क्षेत्र के लिए विशेष प्रशिक्षण, अनुसंधान और क्षमता निर्माण का काम करेगा। इसमें क्वांटम कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती तकनीकों पर भी ध्यान दिया जाएगा। आज जब देश में डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं का दायरा तेजी से बढ़ रहा है, तब वित्तीय डेटा की सुरक्षा और साइबर हमलों से बचाव की तैयारी उतनी ही अहम हो गई है। यह संस्थान वित्तीय क्षेत्र के विशेषज्ञों को प्रशिक्षण देकर इसी जरूरत को पूरा करेगा।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा है कि यह केंद्र राज्य के डिजिटल ढांचे और देश के वित्तीय डेटा की सुरक्षा को नई गति देगा। यह भाजपा सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री की ओडिशा की नौवीं यात्रा भी होगी, इसलिए इस दौरे का राजनीतिक और विकासात्मक दोनों तरह का महत्व है।
एक दिन, तीन संदेश
अगर इस पूरे दौरे को एक नजर में देखें, तो तीन अलग-अलग संदेश साफ नजर आते हैं। वाराणसी की फैक्ट्री रोजगार और महिला सशक्तिकरण का संदेश देती है। गंगा पर होने वाला एयर शो स्वदेशी रक्षा शक्ति और तीनों सेनाओं के तालमेल का प्रदर्शन है। भुवनेश्वर का डेटा सेंटर डिजिटल भारत की सुरक्षा की गारंटी है। तीनों मिलकर आज के भारत की तस्वीर पेश करते हैं — जो बनाता भी है, उड़ता भी है और अपने डेटा की रक्षा भी करता है।
इस दौरे का एक और पहलू यह है कि यह दो अलग-अलग राज्यों को एक ही दिन में जोड़ता है।
आगे की राह
वाराणसी की गारमेंट इकाई से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है, जबकि भुवनेश्वर का डेटा सेंटर देश की वित्तीय प्रणाली को और मजबूत बनाएगा। एयर शो के जरिए वायुसेना की क्षमता का प्रदर्शन देश के युवाओं में रक्षा सेवाओं के प्रति रुचि भी बढ़ा सकता है। कुल मिलाकर, 25 अक्टूबर का यह दौरा सिर्फ कार्यक्रमों की सूची नहीं है, बल्कि रोजगार, सुरक्षा और डिजिटल भविष्य से जुड़े तीन बड़े लक्ष्यों को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास है। अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि इन घोषणाओं और उद्घाटनों का जमीनी असर आने वाले महीनों में कितनी तेजी से दिखता है।
मुख्य बातें
- सुबह 11 बजे वाराणसी में अरविंद लिमिटेड की गारमेंट फैक्ट्री का उद्घाटन।
- दोपहर 1 बजे नमो घाट पर ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो, तेजस-राफेल-सुखोई समेत तीनों सेनाओं के विमान।
- शाम 4:45 बजे भुवनेश्वर में RBI डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा संस्थान का उद्घाटन।
- डेटा सेंटर जटनी के इंफो वैली-II में 18.55 एकड़ में, लागत करीब 169 करोड़ रुपये, टियर-IV प्रमाणित।
- संस्थान में AI और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उभरती तकनीकों पर प्रशिक्षण व शोध होगा।
