Monday, 26 October 2026

सर्दियां आते ही त्वचा और बालों को नुकसान पहुंचा रही हैं ये 8 आम गलतियां, जानें सही देखभाल का तरीका

सर्दियों में त्वचा और बालों की देखभाल के टिप्स

अक्टूबर के आखिर में मौसम बदलने लगता है। सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस होने लगती है और हवा में नमी कम होने लगती है। इसका सबसे पहला असर हमारी त्वचा और बालों पर दिखता है। त्वचा रूखी और खिंची हुई लगने लगती है, होंठ फटने लगते हैं और बालों में रूखापन और टूटना बढ़ जाता है। त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों में ठंडी और सूखी हवा त्वचा की नमी को करीब 25 प्रतिशत तक कम कर देती है। हीटर और कम नमी वाले कमरे बालों की बाहरी परत को नुकसान पहुंचाते हैं। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि हमारी रोजमर्रा की कुछ आम आदतें इस नुकसान को और बढ़ा देती हैं। आइए जानते हैं वे 8 गलतियां और उनसे बचने के आसान तरीके।

बहुत गर्म पानी से नहाना

ठंड में गर्म पानी से नहाना अच्छा लगता है, लेकिन बहुत गर्म पानी त्वचा के प्राकृतिक तेल को खत्म कर देता है। इससे त्वचा और ज्यादा रूखी हो जाती है और बाल भी ड्राई होकर टूटने लगते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि गुनगुने पानी से नहाएं और शॉवर 10 मिनट से ज्यादा लंबा न रखें। नहाने के तुरंत बाद हल्की नमी वाली त्वचा पर मॉइस्चराइजर लगाना सबसे असरदार होता है, क्योंकि इससे नमी त्वचा में सील हो जाती है।

प्यास कम लगने पर पानी न पीना

सर्दियों में प्यास कम लगती है, इसलिए लोग पानी पीना कम कर देते हैं। लेकिन शरीर के अंदर पानी की कमी का असर सीधे त्वचा और बालों पर दिखता है। त्वचा बेजान लगने लगती है और बाल फ्रिजी हो जाते हैं। रोज कम से कम डेढ़ से दो लीटर पानी जरूर पिएं। गुनगुना पानी, सूप और हर्बल चाय भी इसमें मदद करते हैं। पानी की कमी को सिर्फ क्रीम से पूरा नहीं किया जा सकता, अंदरूनी हाइड्रेशन भी उतना ही जरूरी है।

ठंड से सीधे गर्म कमरे में जाना

बाहर की ठंड से सीधे हीटर वाले गर्म कमरे में जाने से त्वचा पर अचानक तापमान का बदलाव पड़ता है। इससे चेहरे पर लालिमा, जलन और छोटी नसों के टूटने की आशंका बढ़ जाती है। बाहर निकलने से पहले बैरियर क्रीम लगाना मददगार होता है। हीटर के बिल्कुल सामने बैठने से बचें और कमरे में नमी बनाए रखने के लिए कभी-कभी पानी का बर्तन रखना या ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है।

हीटर या एसी वेंट के नीचे बैठना

ऑफिस या घर में लंबे समय तक हीटर या एसी वेंट के नीचे बैठना भी त्वचा और बालों को सुखा देता है। इससे फाइन लाइंस बढ़ती हैं और त्वचा पपड़ीदार लगने लगती है। अगर सीट बदलना संभव न हो तो अपनी सीट को वेंट से थोड़ा दूर रखें और हाइड्रेटिंग मिस्ट साथ रखें। बीच-बीच में पानी पीना और त्वचा को मॉइस्चराइज करना इस नुकसान को कम करता है।

गलत कपड़े से सिर ढकना

सर्दियों में टोपी, स्कार्फ और बीनी पहनना जरूरी है, लेकिन गलत फैब्रिक नुकसान पहुंचाता है। ऊनी टोपी की रगड़ से हेयरलाइन के पास बाल टूटते हैं और पसीना जमा होने से डैंड्रफ और मुंहासे बढ़ सकते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि ऊनी टोपी के अंदर सिल्क या साटन की लाइनिंग इस्तेमाल करें। बालों को बहुत कसकर बांधने से भी बचें, क्योंकि इससे जड़ें कमजोर होती हैं। बाहर से लौटने के बाद बालों को खुला छोड़कर थोड़ी देर सांस लेने दें।

सर्दियों में सनस्क्रीन छोड़ देना

कई लोग सोचते हैं कि सर्दियों में धूप कम होती है तो सनस्क्रीन की जरूरत नहीं है। यह बड़ी गलती है। बादलों में भी करीब 80 प्रतिशत पराबैंगनी किरणें त्वचा तक पहुंच जाती हैं। इससे पिगमेंटेशन और समय से पहले बुढ़ापे के लक्षण बढ़ते हैं। मौसम कोई भी हो, रोज सुबह एसपीएफ 30 या उससे अधिक वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाएं। बाहर ज्यादा समय बिताना हो तो इसे दोबारा भी लगाएं।

बहुत भारी क्रीम और तेल का इस्तेमाल

रूखी त्वचा से परेशान होकर लोग बहुत भारी क्रीम और तेल लगा लेते हैं। इससे रोमछिद्र बंद हो जाते हैं और मुंहासे व स्कैल्प पर जमाव बढ़ सकता है। सही तरीका यह है कि पहले हयालूरोनिक एसिड जैसे ह्यूमेक्टेंट लगाएं, फिर उसके ऊपर हल्का मॉइस्चराइजर लगाकर नमी को सील करें। अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार उत्पाद चुनें। तैलीय त्वचा वालों को जेल आधारित और रूखी त्वचा वालों को क्रीम आधारित मॉइस्चराइजर सूट करता है।

बार-बार एक्सफोलिएशन और चेहरा छूना

सर्दियों में त्वचा पहले से संवेदनशील होती है। बार-बार स्क्रब करने से त्वचा की सुरक्षा परत कमजोर हो जाती है और जलन, लालिमा और पपड़ी उतरने की समस्या शुरू हो जाती है। हफ्ते में सिर्फ एक से दो बार हल्का एक्सफोलिएशन काफी है। एक रिसर्च के अनुसार लोग औसतन हर घंटे करीब 23 बार अपना चेहरा छूते हैं, जिससे गंदगी और बैक्टीरिया त्वचा तक पहुंचते हैं। सर्दियों में यह आदत और ज्यादा नुकसान पहुंचाती है, इसलिए चेहरा छूने से बचें और हाथ साफ रखें।

सर्दियों के लिए आसान डेली रूटीन

सही रूटीन मुश्किल नहीं है। सुबह सल्फेट-फ्री फेसवॉश या माइल्ड क्लींजर से चेहरा धोएं, फिर सीरम और मॉइस्चराइजर लगाएं और अंत में सनस्क्रीन लगाएं। रात को चेहरा साफ करके मॉइस्चराइजर लगाएं और होंठों पर देसी घी या बादाम के तेल में शहद की एक बूंद मिलाकर लगाना फटे होंठों में राहत देता है। बालों के लिए हफ्ते में एक बार गुनगुने तेल से स्कैल्प की मालिश करें और माइल्ड शैंपू से हफ्ते में दो बार बाल धोएं। गीले बालों के साथ सोने से बचें, क्योंकि इससे स्कैल्प में फंगल इंफेक्शन और डैंड्रफ हो सकता है।

खानपान भी त्वचा और बालों की सेहत में बड़ी भूमिका निभाता है। हरी सब्जियां, सूखे मेवे, दही, अंडा और फल खाएं। विटामिन ई, बायोटिन और ओमेगा से भरपूर चीजें जैसे अलसी, अखरोट और मछली बालों को अंदर से पोषण देती हैं। हीट स्टाइलिंग से बचें और अगर जरूरी हो तो हीट प्रोटेक्शन सीरम जरूर लगाएं।

निष्कर्ष

सर्दियों में त्वचा और बालों की देखभाल के लिए महंगे उत्पादों से ज्यादा सही आदतें मायने रखती हैं। गुनगुने पानी से नहाना, पर्याप्त पानी पीना, रोज सनस्क्रीन लगाना, हल्का मॉइस्चराइजर इस्तेमाल करना और बालों को कोमलता से संभालना ही असली विंटर केयर है। छोटी-छोटी गलतियों को सुधारकर आप ठंड के मौसम में भी त्वचा की चमक और बालों की सेहत बनाए रख सकते हैं।

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राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं, देश-राज्य की राजनीति और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी खबरों पर लेखन। बिजनेस और स्पोर्ट्स की खबरें भी। ब्रेकिंग न्यूज की होड़ के बीच डिजिटल मीडिया में एआई जैसे नवाचार की नर्सरी का छात्र।