किसान पिता की मौत के बाद बेटा खाता बंद करवाने पहुंचा था, बैंक वालों ने अचानक थमा दिए 15 लाख रुपए

हम सब अपने अपने बैंक खाते में पैसे जमा करते हैं. जाहिर सी बात है कि हम जितने पैसे बैंक खाते में…

हम सब अपने अपने बैंक खाते में पैसे जमा करते हैं. जाहिर सी बात है कि हम जितने पैसे बैंक खाते में जमा करेंगे हमें वापस भी तो उतने ही मिलेंगे. लेकिन कैसा हो कि एक दिन आप बैंक में जाएं और आपको बैंक वाले लाखों रुपये एक साथ दे दें? सुनने में ये बात कोरी कल्पना लगती है लेकिन ऐसा सच में हुआ है.

ऐसा हुआ है मध्यप्रदेश के पाटन के एस.बी.आई बैंक में. दरअसल इस बैंक एक किसान का परिवार उनकी मौत के बाद उनका खाता बंद कराने गया और वहां पहुंच कर उन्हें बैंक की तरफ से 15 लाख रुपये मिले. ये राशि बैंक ने क्लेम के रूप में किसान के परिजनों को दी है. हैरान करने वाली बात ये है कि इन पैसों के बारे में किसान के परिवार वालों को कुछ पता नहीं था. उन्हें तो ये भी जानकारी नहीं थी कि किसान ने अपना के.सी.सी खाता खुलवाया था.

पाटन जनपद के ग्राम मांदा के रहने वाले किसान जनवेश कुमार की मृत्यु के बाद उनका बेटा अपने दादा के साथ उनका बैंक खाता बंद करवाने बैंक पहुंचा. बैंक आने के बाद उन्हें जानकारी मिली कि उनके पिता ने 15 लाख रुपए की बीमा पालिशी ले रखी थी.किसान जनवेश कुमार ने एसबीआई बैंक में 1800 रुपए में 15 लाख की के.सी.सी पालिशी ले रखी थी. कुछ समय पहले किसान जनवेश कुमार छत पर काम करते हुए फिसल कर नीचे गिर गए और उनकी मौत हो गई. उनकी मृत्यु के बाद उनके परिवार में ये बात किसी को नहीं पता थी कि उन्होंने 15 लाख रुपए का जीवन बीमा करवा रखा था.

एस.बी.आई की पाटन शाखा में अपने पिता का खाता बंद करवाने पहुंचे बेटे को बैंक के अधिकारियों ने बताया कि उनके पिता जनवेश कुमार ने के.सी.सी खाता खुलवाकर 15 लाख रु की पालिशी ले रखी थी. कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद बैंक ने किसान के पिता को 15 लाख रु का चेक सौंप दिया. बता दें कि मृतक किसान ने अपने पिता को इस पॉलिसी का नॉमिनी बनाया था.

About the author