Sunday, 8 November 2026

नोरा फतेही ने दिल्ली कोर्ट में दर्ज कराया बयान: सुकेश चंद्रशेखर केस में गवाह के तौर पर पेश हुईं

नोरा फतेही

अभिनेत्री नोरा फतेही 6 नवंबर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुईं और 200 करोड़ रुपये के सुकेश चंद्रशेखर मामले में गवाह के तौर पर अपना बयान दर्ज कराया। नोरा ने अदालत को बताया कि वह टी-सीरीज के जरिए मिले रोजगार वीजा पर भारत में रह रही हैं। उन्होंने चेन्नई की अपनी यात्रा और सुकेश की पत्नी लीना मारिया पॉल से अपनी मुलाकात को लेकर भी अदालत को जानकारी दी। इससे पहले 2 नवंबर को अदालत ने नोरा की गैरहाजिरी पर सख्त टिप्पणी की थी और उन्हें 6 नवंबर को पेश होने का नया समन जारी किया था।

नोरा फतेही की टीम ने पहले ही साफ कर दिया था कि वह इस मामले में आरोपी नहीं हैं। उन्हें सिर्फ गवाह के तौर पर अदालत ने बुलाया है। अदालत में पेश होकर उन्होंने अपना बयान दर्ज कराया और मामले की जांच में सहयोग किया। यह मामला दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की जांच से जुड़ा है और इसमें सुकेश चंद्रशेखर पर करीब 200 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है।

अदालत में क्या हुआ: बयान और वीजा की जानकारी

6 नवंबर को नोरा फतेही दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुईं। वह अभियोजन पक्ष की गवाह के तौर पर अदालत में आई थीं। तीसरी पूरक चार्जशीट में उन्हें गवाह संख्या तीन के तौर पर दर्ज किया गया है। अदालत में उन्होंने अपना बयान दर्ज कराया और मामले से जुड़े सवालों के जवाब दिए।

नोरा ने अदालत को बताया कि वह भारत में रोजगार वीजा पर रह रही हैं और यह वीजा उन्हें टी-सीरीज के जरिए मिला है। उन्होंने चेन्नई की अपनी यात्रा के बारे में भी अदालत को जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने सुकेश चंद्रशेखर की पत्नी लीना मारिया पॉल से अपनी मुलाकात को लेकर भी अदालत को बताया। यह जानकारी मामले की जांच के लिए अहम मानी जा रही है।

इससे पहले पुलिस ने नोरा से सुकेश और उनकी पत्नी से उनके कथित संबंधों को लेकर पूछताछ की थी। पुलिस ने उनका बयान दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत दर्ज किया था। इसके बाद उन्हें पूरक चार्जशीट में अभियोजन पक्ष की गवाह बनाया गया था। नोरा ने हमेशा यही कहा है कि उनका सुकेश से कोई निजी संबंध नहीं रहा है।

2 नवंबर को अदालत ने जताई थी नाराजगी

इस मामले की सुनवाई 2 नवंबर को भी हुई थी। उस दिन नोरा फतेही अदालत में पेश नहीं हुई थीं। उनके वकीलों ने अदालत से कहा था कि उन्हें समन बहुत कम समय पहले मिला था और पहले से तय कामों की वजह से वह अदालत नहीं आ सकीं। वकीलों ने उनकी पेशी से छूट की मांग की थी।

विशेष न्यायाधीश गगनदीप सिंह ने इस पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि नोरा गवाह हैं और उन्हें अदालत में पेश होना चाहिए था। न्यायाधीश ने कहा था कि उनका आचरण ठीक नहीं है और अदालत को हल्के में नहीं लेना चाहिए। इसके बाद अदालत ने मामले को 6 नवंबर तक के लिए टाल दिया था और नोरा को पेश होने का नया समन जारी किया था।

नोरा की कानूनी टीम ने इसके बाद एक बयान जारी किया था। टीम ने कहा था कि नोरा फतेही न तो आरोपी हैं और न ही उन पर किसी अपराध का आरोप है। उन्हें सिर्फ गवाह के तौर पर अदालत ने बुलाया है ताकि वह अदालत की कार्यवाही में मदद कर सकें। टीम ने यह भी कहा था कि नोरा अदालत के साथ पूरा सहयोग कर रही हैं।

क्या है 200 करोड़ रुपये का सुकेश चंद्रशेखर मामला

यह मामला कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है। आरोप है कि सुकेश ने दिल्ली की रोहिणी जेल में रहते हुए 2020-21 के दौरान अदिति सिंह से करीब 200 करोड़ रुपये ठगे थे। अदिति सिंह रैनबैक्सी के पूर्व प्रवर्तक शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी हैं। आरोप है कि सुकेश ने खुद को सरकार के बड़े अधिकारी बताकर अदिति सिंह से यह रकम ठगी थी।

इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा कर रही है। पुलिस ने इस मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून के तहत चार्जशीट दाखिल की है। इस साल 30 मई को दिल्ली की अदालत ने सुकेश चंद्रशेखर, जैकलीन फर्नांडिस और 16 अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय किए थे।

मामले में कई फिल्मी हस्तियों के नाम सामने आए हैं। जैकलीन फर्नांडिस का नाम भी इस मामले में आया है। नोरा फतेही से भी पुलिस ने इस मामले में पूछताछ की थी। हालांकि, नोरा की टीम ने साफ किया है कि वह इस मामले में सिर्फ गवाह हैं और उन पर कोई आरोप नहीं है।

गवाह की भूमिका और आगे की कार्यवाही

नोरा फतेही का बयान इस मामले में अहम माना जा रहा है। वह अभियोजन पक्ष की गवाह हैं और उनका बयान सुकेश के खिलाफ मामले को मजबूत कर सकता है। अदालत में उन्होंने जो जानकारी दी है, वह मामले की जांच में मदद करेगी। अब अदालत इस बयान के आधार पर आगे की कार्यवाही करेगी।

कानूनी जानकारों का कहना है कि किसी मामले में गवाह के तौर पर बुलाया जाना और आरोपी होना दो अलग बातें हैं। गवाह को अदालत की मदद के लिए बुलाया जाता है, जबकि आरोपी पर अपराध का आरोप होता है। नोरा फतेही के मामले में अदालत ने उन्हें गवाह के तौर पर ही बुलाया है और उनकी टीम ने भी यही बात साफ की है।

इस मामले की सुनवाई अभी जारी है। अदालत में अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। सुकेश चंद्रशेखर अभी जेल में हैं और उनके खिलाफ कई मामलों की जांच चल रही है। नोरा फतेही के बयान के बाद अब सभी की नजरें मामले की अगली सुनवाई पर हैं।

कुल मिलाकर नोरा फतेही ने अदालत में पेश होकर अपनी जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने गवाह के तौर पर बयान दर्ज कराया और अदालत को जरूरी जानकारी दी। उनकी टीम ने यह भी साफ कर दिया है कि वह इस मामले में आरोपी नहीं हैं। अब देखना यह है कि इस बयान का मामले पर क्या असर पड़ता है और अदालत आगे क्या फैसला लेती है।

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राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं, देश-राज्य की राजनीति और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी खबरों पर लेखन। बिजनेस और स्पोर्ट्स की खबरें भी। ब्रेकिंग न्यूज की होड़ के बीच डिजिटल मीडिया में एआई जैसे नवाचार की नर्सरी का छात्र।