Sunday, 25 October 2026

इस वीकेंड ओटीटी पर क्या देखें: गजब रात, चार यार और सूमो दीदी — तीन बड़ी हिंदी रिलीज एक साथ

इस वीकेंड की ओटीटी रिलीज गजब रात, चार यार और सूमो दीदी

अगर इस वीकेंड आप घर बैठकर कुछ नया देखना चाहते हैं, तो ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आपके लिए एक साथ तीन बड़ी हिंदी रिलीज आ गई हैं। 23 अक्टूबर को नेटफ्लिक्स पर मनोज बाजपेयी की थ्रिलर फिल्म गजब रात, प्राइम वीडियो पर क्राइम ड्रामा सीरीज चार यार और ज़ी5 पर खेल पर आधारित फिल्म सूमो दीदी स्ट्रीम हो गई है। तीनों की कहानियां एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं — एक में एक रात की उलझन है, दूसरी में दोस्ती और अपराध की दुनिया है, और तीसरी में एक लड़की के सपने की लड़ाई है। यही वजह है कि इस वीकेंड की ओटीटी सूची हर तरह के दर्शक के लिए कुछ न कुछ लेकर आई है।

इन रिलीजों की खास बात यह भी है कि ये सिर्फ मनोरंजन नहीं हैं, बल्कि अलग-अलग विषयों को छूती हैं। गजब रात में एक पुलिस अधिकारी के फैसले की कीमत दिखाई गई है, चार यार में मध्यम वर्ग के युवाओं की महत्वाकांक्षा और गलत रास्ते की कहानी है, और सूमो दीदी में शरीर को लेकर समाज की सोच से लड़कर अपने सपने को जीने की जिद है। आइए एक-एक करके जानते हैं कि किस रिलीज में क्या है और उसे कहां देखा जा सकता है।

गजब रात: एक रात, एक फैसला और बिगड़ता खेल

गजब रात नेटफ्लिक्स पर 23 अक्टूबर को रिलीज हुई है। इसमें मनोज बाजपेयी मुख्य भूमिका में हैं और फिल्म का निर्देशन रितेश शाह ने किया है। कहानी एक ही रात में घटती है, जहां एक पुलिस अधिकारी का एक फैसला घटनाओं की एक ऐसी श्रृंखला शुरू कर देता है, जो धीरे-धीरे उसके नियंत्रण से बाहर निकल जाती है। मनोज बाजपेयी एक ऐसे पुलिसकर्मी की भूमिका में हैं, जो निजी लाभ और अपने कर्तव्यबोध के बीच फंसा हुआ है।

फिल्म की कहानी तब और उलझ जाती है, जब अधिकारी को एक चलती गाड़ी से छोड़ी गई गंभीर रूप से घायल लड़की मिलती है। उसे बचाने या मामले से दूर रहने का फैसला ही कहानी का केंद्र बन जाता है। धीरे-धीरे यह मामला एक बड़े षड्यंत्र से जुड़ता दिखाई देता है, जिसमें अपराध, भ्रष्टाचार और सत्ता के खेल शामिल हैं। यही वजह है कि गजब रात को सिर्फ एक थ्रिलर नहीं, बल्कि नैतिक दुविधा की कहानी भी कहा जा रहा है।

फिल्म की सहायक कलाकारों की सूची भी मजबूत है। इसमें नुसरत भरुचा, साकिब सलीम, दिव्या दत्ता, अक्षय ओबेरॉय और किकू शारदा जैसे कलाकार शामिल हैं। निर्माता नीरज पांडे हैं, और यह नेटफ्लिक्स के साथ उनका चौथा सहयोग बताया जा रहा है। फिल्म पहले घूसखोर पंडित नाम से चर्चा में थी, लेकिन एक समुदाय से जुड़े विवाद के बाद निर्माताओं ने इसका नाम बदलकर गजब रात कर दिया। इस पृष्ठभूमि ने भी फिल्म को रिलीज से पहले चर्चा में रखा था। अगर आपको तेज रफ्तार वाली थ्रिलर और उलझे हुए किरदार पसंद हैं, तो यह फिल्म आपकी सूची में सबसे ऊपर हो सकती है।

चार यार: दोस्ती, सपने और अपराध की दुनिया

प्राइम वीडियो पर आई चार यार एक आठ एपिसोड वाली हिंदी क्राइम ड्रामा सीरीज है, जो 23 अक्टूबर को स्ट्रीम हुई है। कहानी 2000 के दशक की शुरुआत के मुंबई में बसी है, जहां चार मध्यम वर्ग के लड़के — जय, टोनी, साहिल और समीर — अपनी जिंदगी बदलने का सपना देखते हैं। आर्थिक तंगी से निकलने की कोशिश में वे एक ऐसा कदम उठा लेते हैं, जो उन्हें शहर की अंडरवर्ल्ड दुनिया में धकेल देता है।

सीरीज की सबसे बड़ी ताकत इसकी दोस्ती की कहानी है। चारों दोस्त एक-दूसरे के लिए ढाल की तरह हैं, लेकिन जैसे-जैसे अपराध की दुनिया में उनकी दखल बढ़ती है, उनकी दोस्ती पर भी दबाव बढ़ने लगता है। एक तरफ गैंगस्टर हैं, दूसरी तरफ एक दृढ़ पुलिस जांचकर्ता, और बीच में चार युवा जिनके एक फैसले ने सब कुछ बदल दिया है। यही तनाव सीरीज को आगे बढ़ाता है।

मुख्य भूमिकाओं में पूरब झा, नमन जैन, साकिब अयूब और प्रयरक मेहता हैं। सहायक कलाकारों में साई ताम्हणकर, सिकंदर खेर, दिब्येंदु भट्टाचार्य, राजेश तैलंग, चंकी पांडे और भागवती पेरुमल जैसे अनुभवी नाम शामिल हैं। निर्देशन विनय वाइकुल ने किया है। अगर आपको दोस्ती, अपराध और लंबे समय तक चलने वाली कहानियों वाली सीरीज पसंद हैं, तो चार यार इस वीकेंड देखने लायक है। आठ एपिसोड की लंबाई इसे वीकेंड बिंज-वॉच के लिए भी उपयुक्त बनाती है।

सूमो दीदी: शरीर की शर्म से विश्व मंच के सपने तक

ज़ी5 पर आई सूमो दीदी इस सप्ताह की सबसे प्रेरणादायक रिलीज मानी जा रही है। यह फिल्म भारत की पहली पेशेवर महिला सूमो पहलवान हेतल दवे की वास्तविक जीवन कहानी पर आधारित है। निर्देशन जयंत रोहतगी ने किया है और मुख्य भूमिका में श्रीयम भगनानी हैं। कहानी एक ऐसी लड़की की है, जिसे अपने वजन के कारण लगातार ताने सुनने पड़ते हैं, समाज की आलोचना झेलनी पड़ती है और घर से भी शादी करके सामान्य जीवन जीने का दबाव मिलता है।

हेतल का सपना लेकिन कुछ और है। वह सूमो कुश्ती की दुनिया से जुड़ती है और भारत की ओर से विश्व सूमो चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखती है। फिल्म में ट्रेनिंग के दृश्य, परिवार के साथ टकराव और खुद को साबित करने की जिद को दिखाया गया है। यह कहानी सिर्फ खेल की नहीं है, बल्कि समाज की उस सोच से लड़ने की भी है, जो किसी के शरीर के आधार पर उसकी क्षमता तय कर देती है।

सूमो दीदी की खासियत यह है कि यह एक ऐसे खेल को सामने लाती है, जिसके बारे में भारत में बहुत कम लोग जानते हैं। सूमो को आमतौर पर जापान से जोड़ा जाता है, लेकिन हेतल दवे की कहानी बताती है कि जुनून की कोई भौगोलिक सीमा नहीं होती। अगर आपको खेल पर आधारित सच्ची कहानियां पसंद हैं, तो यह फिल्म आपको निराश नहीं करेगी।

इस वीकेंड क्या चुनें?

अगर आपको चुनना मुश्किल लग रहा है, तो अपनी पसंद के हिसाब से फैसला करना आसान है। तेज थ्रिलर और मनोज बाजपेयी के अभिनय के लिए गजब रात चुनें। दोस्ती और अपराध की लंबी कहानी के लिए चार यार देखें। प्रेरणा और सच्ची कहानी के लिए सूमो दीदी सबसे अच्छा विकल्प है।

About the author

राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं, देश-राज्य की राजनीति और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी खबरों पर लेखन। बिजनेस और स्पोर्ट्स की खबरें भी। ब्रेकिंग न्यूज की होड़ के बीच डिजिटल मीडिया में एआई जैसे नवाचार की नर्सरी का छात्र।