बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी का पर्व आज देशभर में पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। देश के कोने-कोने में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया और पूरा देश रामलीला के रंग में डूबा नजर आया। राजधानी दिल्ली के दशहरा समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए, जबकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने द्वारका में रावण दहन किया।
दिल्ली के समारोह में शामिल हुए PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के IP एक्सटेंशन स्थित DDA ग्राउंड में आयोजित भव्य दशहरा समारोह में शामिल हुए। यहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और पूरा मैदान उत्सव के माहौल से सराबोर था। PM मोदी की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम की रौनक और बढ़ा दी।
देश के अलग-अलग हिस्सों में भी दशहरे की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं। रामलीला मंचन से लेकर रावण के ऊंचे-ऊंचे पुतले तक, हर जगह पर्व की धूम देखने को मिली।
PM मोदी ने क्या कहा?
इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और यह पर्व हमें सत्य और धर्म की स्थायी शक्ति की याद दिलाता है।
PM ने कहा कि आज भारत का हर कोना, हर गांव और हर शहर भगवान राम की भावना से ओतप्रोत है। उन्होंने यह भी कहा कि रामलीलाएं भगवान श्री राम के आदर्शों को जीवंत रखती हैं और नई पीढ़ी को हमारे संस्कारों से जोड़ती हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू ने द्वारका में किया रावण दहन
उधर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली के द्वारका में आयोजित कार्यक्रम में रावण दहन किया। इस कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद रहीं। देश के प्रथम नागरिक के हाथों रावण दहन होना इस कार्यक्रम की खासियत रही।
इसके अलावा गृह मंत्री अमित शाह लुधियाना में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में शामिल हुए। देश के बड़े नेताओं की इन कार्यक्रमों में मौजूदगी ने पर्व की भव्यता को और बढ़ा दिया।
देशभर में ऐसे मनाई गई विजयादशमी
शाम होते ही देश के शहरों और कस्बों में रावण दहन का सिलसिला शुरू हो गया। आतिशबाजी की चमक और जय श्री राम के जयकारों के बीच बुराई के प्रतीक पुतले अग्नि को समर्पित किए गए। बच्चों से लेकर बड़ों तक, हर कोई इस पर्व की खुशी में शामिल नजर आया।
विजयादशमी का यह पर्व हर साल हमें यही संदेश देता है कि असत्य और अहंकार कितना भी बड़ा क्यों न हो, अंत में जीत सत्य और धर्म की ही होती है। देशभर में पर्व शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
