सलमान खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘मातृभूमि’ की रिलीज को लेकर इंतजार अब भी जारी है। फिल्म को सरकार से मंजूरी मिलने की खबरें सामने आने के लगभग एक महीने बाद भी उसे केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी सीबीएफसी की स्क्रीनिंग की तारीख नहीं मिली है। निर्माता फिल्म को अगले महीने सिनेमाघरों में लाना चाहते हैं और उनकी नजर 13 नवंबर की तारीख पर टिकी है। हालांकि यह तारीख तभी संभव होगी जब प्रमाणन की प्रक्रिया समय पर पूरी हो जाए। इस बीच सलमान खान ने दिल्ली जाकर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से स्क्रीनिंग की प्रक्रिया तेज करने का अनुरोध भी किया है। फिल्म से जुड़ी इस ताजा जानकारी ने एक बार फिर इस प्रोजेक्ट को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
फिल्म क्या है और इसका नाम क्यों बदला गया
‘मातृभूमि’ को शुरुआत में ‘बैटल ऑफ गलवान’ के नाम से घोषित किया गया था। बाद में इस फिल्म का शीर्षक बदलकर ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ कर दिया गया। फिल्म साल 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हुए संघर्ष की पृष्ठभूमि पर आधारित बताई जाती है। इस फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। सलमान खान इसमें भारतीय सेना की बिहार रेजिमेंट के कर्नल बी. संतोष बाबू की भूमिका निभा रहे हैं। चित्रांगदा सिंह भी फिल्म में एक अहम भूमिका में हैं। कहानी का भावनात्मक पक्ष, सैनिकों के बलिदान और सीमा पर तैनात जवानों की जिंदगी से जुड़ा है। यही वजह है कि फिल्म की घोषणा के समय से ही इस पर दर्शकों और फिल्म जगत की नजर बनी हुई है।
सीबीएफसी स्क्रीनिंग में देरी की खबर क्या कहती है
ट्रेड से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, फिल्म के निर्माताओं ने अक्टूबर की शुरुआत में सेंसर प्रमाणन के लिए आवेदन किया था। इसके बाद से सीबीएफसी की ओर से स्क्रीनिंग की तारीख नहीं दी गई है। एक सूत्र के हवाले से कहा गया है कि स्क्रीनिंग सोमवार, 26 अक्टूबर को होने का भरोसा दिया गया था, लेकिन वह नहीं हो पाई। इसी कारण सलमान खान कई बार दिल्ली गए और मंत्रालय से स्क्रीनिंग की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया। सूत्र के अनुसार, सलमान खान कोई विशेष सुविधा नहीं मांग रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने मंत्रालय के कहने पर बदलाव कर दिए हैं और अब वे चाहते हैं कि बोर्ड जल्द से जल्द फिल्म को देखे।
13 नवंबर की तारीख क्यों चुनी गई
रिपोर्टों के अनुसार, सलमान खान फिल्म को 13 नवंबर को रिलीज करना चाहते हैं और यह योजना अब भी कायम है, बशर्ते सीबीएफसी समय पर प्रमाणपत्र जारी कर दे। इस तारीख को चुनने के पीछे टकराव से बचने की सोच बताई गई है। सूत्रों का कहना है कि सलमान खान टकराव में भरोसा नहीं रखते और 13 नवंबर का समय किसी अन्य बड़ी फिल्म ने नहीं लिया है। इसके अलावा 20 नवंबर की तारीख पर भी विचार हुआ था, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया, ताकि फिल्म को 27 नवंबर को रिलीज होने वाली फिल्मों से दो हफ्ते का फासला मिल सके।
चार दिसंबर का विकल्प क्यों छोड़ा गया
चार दिसंबर की तारीख पर भी विचार किया गया था, लेकिन उसे भी छोड़ दिया गया। वजह यह बताई गई है कि ‘मातृभूमि’ का वितरण जियो स्टूडियोज कर रहा है और वही स्टूडियो उसी दिन श्रद्धा कपूर की फिल्म ‘ईठा’ भी रिलीज कर रहा है। एक ही दिन दो फिल्में रिलीज करना वितरक के लिए संभव नहीं माना गया। सलमान खान को भी यह बात सही लगी। इसके बाद 13 नवंबर की तारीख सबसे उपयुक्त मानी गई। यह पूरा हिसाब-किताब दिखाता है कि फिल्म की रिलीज की तारीख केवल दर्शकों की मांग से नहीं, बल्कि सिनेमाघरों की उपलब्धता, वितरण की सुविधा और दूसरी फिल्मों के कार्यक्रम से भी तय होती है।
इस बीच एक और बात पर ध्यान देना जरूरी है। कुछ अन्य रिपोर्टों में कहा गया है कि रक्षा मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाणपत्र को लेकर प्रक्रिया अब भी पूरी नहीं हुई है और संशोधित संस्करण पर जवाब का इंतजार है। इसीलिए इस खबर को अंतिम पुष्टि के तौर पर नहीं पढ़ा जाना चाहिए। एक मंत्रालय से मिली खबर का मतलब यह नहीं होता कि प्रमाणन की सारी बाधाएं दूर हो गई हैं। जब तक सीबीएफसी की स्क्रीनिंग और प्रमाणपत्र की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक रिलीज की तारीख केवल एक योजना ही रहेगी। दर्शकों को इस मामले में निर्माताओं या बोर्ड की ओर से आने वाली आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना चाहिए।
आगे क्या होगा और दर्शक क्या उम्मीद करें
अब सबकी नजर सीबीएफसी की अगली कार्रवाई पर है। अगर बोर्ड जल्द स्क्रीनिंग की तारीख देता है और प्रमाणन समय पर मिल जाता है, तो 13 नवंबर की रिलीज संभव हो सकती है। अगर देरी जारी रही, तो फिल्म की रिलीज आगे भी खिसक सकती है। फिल्म पहले अप्रैल में रिलीज होने की बात से भी जुड़ी रही है, लेकिन कई कारणों से वह योजना आगे बढ़ती रही। अब निर्माता नवंबर में फिल्म लाने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं। प्रचार, ट्रेलर और सिनेमाघरों की बुकिंग जैसे काम भी प्रमाणन के बाद ही पूरी गति से आगे बढ़ पाएंगे।
दर्शकों के लिए ‘मातृभूमि’ सिर्फ एक फिल्म नहीं है, बल्कि एक संवेदनशील और भावनात्मक विषय से जुड़ी कहानी है। गलवान के जवानों की कहानी को बड़े पर्दे पर देखना कई लोगों के लिए गर्व और भावना का विषय है। सलमान खान का सैनिक की भूमिका में दिखना भी दर्शकों के लिए नया अनुभव होगा। आने वाले दिनों में स्क्रीनिंग से जुड़ी कोई भी आधिकारिक जानकारी इस फिल्म की दिशा तय करेगी। तब तक 13 नवंबर की तारीख एक उम्मीद बनी हुई है, जिस पर फिल्म की टीम और दर्शक दोनों की नजर है।
